दो अक्षर का नाम है वह कहलाता है फूल...बाल कविता
ग्राम-पड़गाँव, ब्लाक-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से डा पी एस पुष्प एक बाल कविता सुना रहे हैं:
दो अक्षर का नाम है वह कहलाता है फूल-
खिलखिलाते देख उसे मन जाता हैं भूल-
तितली भौरे आ जाते हैं इनसे नित बतियाने-
मुक्त सभी को देते खुशबू करते नहीं बहाने-
इसी तरह से जो हरदम दूसरो पर प्यार लुटाते-
सच मानो व् सारे जग में सम्मान सदा ही पाते...
Posted on: Aug 21, 2016. Tags: PS PUSHP SONG VICTIMS REGISTER
Govt has spent so much on water tank in our village but that does not work...
We have a water tank in our village but that is not operational from long. For lack of water people quarrel amongst themselves. Govt has spent so much on it but it is going waste and we feel that the tank can get destroyed due to non use says Ramdhar Yadav from Trikunda village in Ramchandrapur block of Balrampur district in Chhattisgarh. Please call Sarpanch@8120830980 Sachiv@9617871579 SDM@9926118800 and PHE officer@9826603461. Ramdhar@8120598449
Posted on: Aug 21, 2016. Tags: RAMDHAR YADAV SONG VICTIMS REGISTER WATER
एक दिन ऐसन आई गा भाई, ये दुनिया छुट जाहिगा... छत्तीसगढ़ी गीत
राजेन्द्र गुप्ता आदिवासी बहुल क्षेत्र ब्लाक-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से
गीत सुना रहे हैं:-
एक दिन ऐसन आई गा भाई-
ये दुनिया छुट जाहिगा-
पिंजरा के सुहाना,मोर बोलत मैना-
उड़ जाहिना ,उड़ जाहिना-
नींद री आवे बाबु तेहर-
नींद मन करबे ना-
पिंजरा के सुहाना मोर बोलत मैना-
उड़ जाहिना ,उड़ जाहिना-
एक दिन ऐसन आईगा भाई...
Posted on: Aug 20, 2016. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
तीर धनुष बांसुरी व फूलो के श्रृंगार में...आदिवासी कविता
संताल परगना की पहली आदिवासी कवियत्री आशा सुषमा किसकू की कविता आदिवासियों का संसार को सुना रहे हैं सुनील कुमार:
तीर धनुष बांसुरी व फूलो के श्रृंगार में-
रहते मस्त आदिवासी अपने ही संसार में-
श्याम रंग नंगे बदन ,प्रकृति के अंक में-
राजाओ में क्या मिलेगा,छिपा जो इस रंक में-
कीमत इसकी कौन आंके दुनिया के बाजार में-
रहते मस्त आदिवासी अपने ही...
हंसते हंसते इसको चट्टानो से लड़ना आता हैं-
हर विपदा हर बाधा से शेरों से भिड़ना आता हैं-
इतनी तेजी इसके तन में न किसी तलवार में-
रहते मस्त आदिवासी अपने ही...
वृक्षो पत्तो से अच्छादित मिट्टी के मकान हैं-
घेरा जैसे खुला आंगन जैसे खलिहान हैं-
प्रकृति कला नाच दिखाती घर के दिवार में-
रहते मस्त आदिवासी अपने ही...
छल कपट धोखेबाज़ी से ये कोसो दूर हैं-
सीधेपन के कारण सब दिन लुटने को मजबूर हैं-
फिर भी नहीं मिलता रुखापन कभी इसके व्यवहार में-
रहते मस्त आदिवासी अपने ही...
शिक्षा- दिक्षा के अभाव में ,लगी न आधुनिक हवा-
भोगते नित दिन रोग भयंकर इनको नहीं दवा-
बर्तन जेवर रखते गिरवी ,रोगों के उपचार में-
रहते मस्त आदिवासी अपने ही संसार में...
Posted on: Aug 19, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
Impact: My wife got Govt maternity support after I reported on CGnet, thanks...
Wife of Rajkumar Markam from Devri village in Pratappur block of Surajpur district in Chhattisgarh gave birth to a child in Govt hospital some time back but he was running pillar to post to get the Govt support. Then he recorded a message on CGnet Swara and requested listeners to call officers to help him. He is happy to share today that he has now got the Govt support money. He also wants to thank all the Govt officers who helped him after being pressurised by CGnet listeners. Kailash Singh Poya@9575922217
