जनम भूमि को सुमिरन करके, गुरु माता गुरु पिता मनाय...भजन
ग्राम चोरभट्टी, जिला अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से बिदू राठौर गीत सुना रहे हैं :
जनम भूमि को सुमिरन करके, गुरु माता गुरु पिता मनाय-
गौरी पुत्र गणेश सुमर के, मा शारद का ध्यान लगाय-
एक कथा कलयुग के कहते, भक्तों पर मा खुश हो जाय-
एक भक्त को लेकर मैया, पर्वत के उपर बैठाय-
शाम-सबेरे आरती गाके, चार महीना बीता जाय-
चार महिना चारे दिन में, बसंत पंचमी का दिन आय-
ग्यारह बजे के एक मिनट में, माता रानी कुण्ड दिखाय-
कुण्ड साफ करते-करते पानी हलाहल कुण्ड भर जाय...
Posted on: Oct 04, 2016. Tags: NATHULAL RATHORE SONG VICTIMS REGISTER
एकता की कहानी: एक साथ रहने से कठिन से कठिन काम भी आसान हो जाते हैं
बहुत समय पहले की बात हैं एक मुहल्ले में रामकली और रूक्मिणी दो बहनें रहा करती थी .छोटी होने के बावजूद दोनों बहने समझदार और होशियार थी. एक बार की बात हैं एक सप्ताह तक लगातार मूसलाधार वर्षा होने के कारण जो ग्रामीण मुहल्ले मे जलावन के लिए लकड़ी लाया करते थे नहीं ला पाये जिस कारण घर में खाना बनाने के लिए जलावन समाप्त हो गये . रामकली की माँ ने रामकली के पापा से कहा घर के सारे जलावन समाप्त हो गये हैं अब खाना कैसे बनेगा ? रामलाल जी ने कहा की ठहरो में पास के गांव से जलावन लेकर आता हूं .रामलाल जी को जाने के बहुत देर बाद खाना बनने का इंतजार करते करते रक्मिणी और रामकली भी घुमने चली गई .घुमते घुमते वह रामबाग पहुंच गई .रामबाग मे रूक्मिणी और रामकली अपने आम के बगीचा में अक्सर खेलने जाया करते थे. दोनों बहनो ने देखा की बग़ीचा में आम की मोटी सुखी डाली आँधी के कारण गिरी हुई हैं दोनों बहनो ने सोचा की इसे उठा कर घर ले के चलते हैं परंतु दोनों बहन से
आम की डाली उठ नहीं पाई .रक्मिणी ने देखा कि बहुत सारी चीटियां एक मरे हुए मोटे लकड़ी के कीड़े को उठा कर ले जा रही थी .ऐसे में कभी-कभी बहुत सारी चीटियां दब भी जाया करती थी फिर दुसरी बहुत सारी चीटियां मरे हुए मोटे कीड़े को धक्का मार मार के अपनी चीटियों को बचाया करती थी .रूक्मिणी ने सोचा की हमारे दोस्त आ जाये तो आसानी से आम की सूखी मोटी डाली को घर ले जाया जा सकता हैं. फिर दोनों बहने ने सोचा की हम दोनों बहने यहाँ से अपने घर जायेंगे तो कोई दुसरे इस सूखी आम की डाली ले जा सकते हैं .रूक्मिणी ने रामकली को बगीचा में बिठाकर अपनेदोस्तों को बुलाने चली गई .सारे दोस्त बग़ीचा में आकर आम की सूखी मोटी
डाली को ले आए .इसे देखकर रूक्मिणी और रामलाल के पिता रामलाल बहुत खुश हुए .रामलाल जी ने सभी बच्चों को कठपुतली का खेल दिखाया और कठपुतली के माध्यम से बताया बच्चों मेल में बहुत बल हैं .कठिन से कठिन काम भी हम मिलजुलकर आसानी से कर सकते हैं .मिलकर रहनेसे कोई हानी भी नहीं पहुँचाता साथ ही आपस में मिलकर रहने से मन भी प्रसन्न रहता हैं.
Posted on: Oct 04, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
Earlier Fluoride was deforming our bodies, now we filter water before drinking...
Reshiya Bhai is visiting Jhabua district in Madhya Pradesh where he meets Roshan a teacher who tells him that in his village lots of children had deformed body limbs and they were not sure what to do. Then they came to know about Fluoride from Fluoride center an NGO who showed them the solution and they are now drinking water after filering it then children do not have complaints of body ache and deformity. Roshan is at 7869006276 and can help others with similar problems. Reshiya@8120659070
Posted on: Oct 04, 2016. Tags: RESHIYA BHAI SONG VICTIMS REGISTER WATER
पीली साड़ी, हाथ मेंहदी, बाजूबंद में आई थी...शहीद कविता
बिहार (गया) के बेटे शहीद सुनील कुमार विद्यार्थी की “वीरांगना” पत्नी पर मालीघाट मुजफ्फरपुर बिहार से सुनील कुमार एक कविता सुना रहे हैं:
पीली साड़ी, हाथ मेंहदी, बाजूबंद में आई थी-
वो भी क्या दिन थे ,सुहाग के आंगन में तरुणाई थी-
बड़ा स्वप्न था तेरे कंधे पर चढ पहुचूंगीं मैं श्मशान-
उठा लिया अपने कंधे पर, पर घाव नही तेरा वलिदान – मैं लाचार नहीं, नारी हूँ, भारत माँ की पोषिता-
मैं रणचंडी लक्ष्मीबाई, सावित्री सी योषिता-
ये मत सोचो तेरे प्यार के वो दिन अब मैं भूल गयी-
तेरे पुण्य उत्सर्ग के कारण अवसादों में झूल गई-
मेरी डोली, तेरी अर्थी के अंतर, देखो प्रतिकूल हैं-
मैं आँचल से लिपटी निकली ,तेरे स्यंदन पर फूल हैं-
मै आई थी लिपटी-चुपड़ी, बस आंगन एक सजाने को-
तेरा स्यंदन आज ,गगन को, बस जयघोष सुनाने को-
ये वलिदानी अर्थी जैसे सजी-धजी मेरी डोली-
आज भी देखो !मैने पहनी है साड़ी फिर वो पीली-
भले प्राण से मुक्त हुएं तुम प्रियतम मुझ से दूर कहाँ है-
ग़म मत करना ,रक्षित है बसुधा, तेरी बेवा का पहरा है...
Posted on: Oct 04, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
Anganwadi handpump broken from 4 months, getting water from far, Pls help...
ग्राम पंचायत-घटुहुआकला, पोस्ट-लमारिकला, प्रखंड-तांडी, जिला-गढ़वा, राज्य-झारखण्ड से संतोष गुप्ता बता रहे हैं कि उनके यहाँ आंगनवाडी केंद्र में 4 माह से हैंडपंप खराब पड़ा हुआ है, उसको कोई भी अधिकारी कर्मचारी नही देख रहे हैं ना ही गांव वाले की शिकायत पर विचार कर रहे हैं | साथी बता रहे हैं सहायिका नदी से पानी ला कर के खाना बना के देती है और नदी वहां से दूर है ,पर पानी पीने के लिए बच्चे भी नदी चले जातें है,इसलिए साथी सीजीनेट सुनने वाले साथी से मदद की अपील कर रहे हैं । उनके सरपंच@7870796247, मुखिया@9771809997,बी डी.ओ@9955529514,एस डी ओ @9334425330,और डी.सी@8986739704 पर हैं | संतोष गुप्ता@9608842999

