मेरी पत्नी...कहानी -
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक कहानी सुना रहे हैं:
बहुत समय पूर्व की बात है एक युवक बहुत गुस्से में एक दिन बगीचे बैठा था वहीँ पर एक बुजुर्ग बैठे थे उन्होंने उनकी समस्या के विषय में पूछा तो युवक अपनी पत्नी की कमियों के बारे में बताने लगा तब बुजुर्ग ने उसके घर के कामो के बारे में जैसे सफाई करना, खाना बनाना, सभी का ध्यान रखना और सुख दुःख में कौन काम आता है पूछा जिस पर युवक ने जवाब दिया मेरी पत्नी ही यह सब काम करती है तब बुजुर्ग ने कहा उसकी इतनी सारी अच्छाई तुम्हे नही दिखी और एक कमी बड़ी आसानी से दिख गई तब युवक को अपनी गलती का अहसास हुआ और उसने बाद में अपनी पत्नी से माफी माँगी और उसके बाद वे सुखपूर्वक रहने लगे-सुनील@9308571702
Posted on: Apr 25, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
नाम तुम्हारा तारण हरा, कब तेरा दर्शन होगा...गीत-
ग्राम-बिजुरी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से राजकुमार एक गीत सुना रहे हैं :
नाम तुम्हारा तारण हरा, कब तेरा दर्शन होगा-
जिसकी रचना इतनी सुन्दर वो, कितना सुन्दर होगा-
सुर,नर,मूनी,जन,जिन चरणों में निस दिन ध्यान लगाते हैं-
जो भी तुम्हारे दर पे आते है,मन वांछित फल पाते हैं...
Posted on: Apr 24, 2017. Tags: RAKESH KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
खेत सभय भगवान लगत है, पिसी चना वरदान लगत है...कविता -
सुनील कुमार महेश कटारे सुगम की एक कविता सुना रहे है :
खेत सभय भगवान लगत है, पिसी चना वरदान लगत है-
अब आफत में प्राण लगत है, दीड गए सब और अब शान लगत है-
और जबसे परव तुषार ककाजू, सौवत सौवत चिल्लयांन लगत है-
फसलन को हो गोड दडोरा, ज़िन्दा लाश किसान लगत है-
भय्या कोऊ से बोलत नय्या, कछु कहो खिच्यान लगत है-
क़र्ज़ उगाए जब कोऊ आवे दद्दा बस, विज्ञान लगत है-
खेत सभय भगवान लगत है, पिसी चना वरदान लगत है...
Posted on: Apr 23, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
आता है याद मुझको, गुजरा हुआ जमाना...ग़ज़ल-
सुनील कुमार उर्दू व फारसी के लोकप्रिय शायर, सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा के रचियता इकबाल साहब की ग़ज़ल सुना रहे है:
आता है याद मुझको, गुजरा हुआ जमाना-
वो बाग की बहारे, वो सबका चहचहान-
आज़ादीया कहा वो, अब अपने घोंसले की-
अपनी खुशी से आना, अपनी खुशी से जाना-
आता है याद मुझको, गुजरा हुआ जमाना-
लगती है चोट दिल पर, आता है याद जिस दम-
सब नम के आसूओं पर, कलियों का मुस्कुराना-
आता है याद मुझको, गुजरा हुआ जमाना...
Posted on: Apr 23, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
पृथ्वी दिवस: ऐसे ही छेड़खानी होती रही तो पृथ्वी से जीव जन्तु वनस्पति का खात्मा ही हो जायेगा...
पृथ्वी दिवस १९७० में पहली बार मनाया गया था, इसका उद्देश्य लोगो को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना था | पृथ्वी पर अक्सर उत्तरी ध्रुव पर कई किलोमीटर तक बर्फ पिघलने से सूर्य की पराबेगनी किरणों को रोकना वाली ओजोन परत में छेद होना सुनामी जैसे भयंकर प्राकृतिक आपदा होना इन सभी के लिए मनुष्य ही जिम्मेदार है, अगर ऐसे ही पृथ्वी के साथ छेड़खानी होती रही तो पृथ्वी से जीव जन्तु वनस्पति का खात्मा ही हो जायेगा | पृथ्वी दिवस मात्र मनाने का दिन नही है बल्कि यह दिन चिन्तन मनन का है कि कैसे प्राकृतिक आपदाओं से बचा जाए और पर्यावरण को कैसे बचाया जाए ताकि हम स्वस्थ रह सके तथा आने वाली पीढ़ी भी सुरक्षित रह सके. सुनील कुमार@9308571702

