लट खेलत नच मेरी माँ, की नव नंग रतन जड़े...ग्रामीण लोकगीत -
लेखराम यादव ग्राम-चंगेरिया, विकासखंड-बिछिया, जिला-मंडला, मध्यप्रदेश से एक ग्रामीण लोकगीत सुना रहे हैं:
लट खेलत नच मेरी माँ, की नव नंग रतन जड़े-
लट खेलत नच मेरी माँ,की नव नंग रतन जड़े-
हे कए नाग मगवाए मईया खेलत बिजुरा-
खो नये त्रिशूल,कए नग मंगवाए केला...
Posted on: Nov 07, 2016. Tags: LEKHRAM YADAV SONG VICTIMS REGISTER
ये धमक मुसर धुमाढाडे...एक गाँव की कहानी...गीतों में
ग्राम पंचायत-धुमाढाड, ब्लाक प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रूपलाल मरावी अपने गाँव की कहानी बता रहे हैं | वे कहते हैं उनके पूर्वज लोग जब वहाँ पर बसने के लिए आये तो चारों ओर ढाड यानी पेड़ थे और लकड़िया काट-काट और जलाकर उन्होंने खेत बनाया और खुद कूट कूट कर भोजन बनाते थे जिसमे बहुत स्वाद था । वे अपने गाँव के बारे में एक गीत सुना रहे हैं
ये धमक मुसर धुमाढाडे-
कहे मना कूटे जुना धान हो-
ये धमक मुसर धुमाढाडे-
दसवना कूटे बीसवाना छाठे-
ये धमक मुसर धुमाढाडे...
Posted on: Nov 06, 2016. Tags: RUPLAL MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : जीरा के औषधीय गुण
डॉ.दीपक आचार्य अहमदाबाद गुजरात से जीरा के औषधीय गुणों के बारे में बता रहे हैं | जीरा आसानी से सभी भारतीय किचन में मिल जाता है और यह अनेक प्रकार के बीमारियों को भी दूर करने में महत्वपूर्ण योगदान देता है । प्रसूता माता को जीरा का उबला हुआ पानी पिलाने से दूध स्त्रवण में मदद मिलती है । मां के शरीर में यह रोड प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और माता के दूध में किसी तरह की अशुद्धि हो तो उसे ठीक कर देता है । जीरा पाचन में काफी मदद करता है, पेट मे जो अम्ल क्षार होते हैं उसे साफ करने में जीरा से बहुत मदद मिलती है | एसिडिटी के बाद थोड़ा जीरा चबा लें आप को तुरत आराम मिलेगा । इसका वैज्ञानिक नाम Cuminum cyminum है । डा दीपक आचार्य@7926467407
Posted on: Nov 06, 2016. Tags: Deepak Acharya SONG VICTIMS REGISTER
एक साथ सब मिलकर बोलो-भारत जोड़ो, भारत जोड़ो...कविता
वीरेन्द्र गन्धर्व राजनांदगांव छत्तीसगढ़ से एक कविता सुना रहे हैं:
गोरो ने किया प्रस्थान-
चल सफल अभियान हुआ-
भारत छोड़ो-
अब सुनो श्रीमान-
कहो अब भारत जोड़ो-
आपस में क्यों अनबन है-
हम एक दूजे के दुश्मन है-
नशे से दूषित हुआ समाज-
माँ बहनो की लूटती लाज-
बच्चे क्यों नहीं सुरक्षित आज-
खतरे में हैं दलितो की जान-
सब का बनेगा हिन्दूस्तान-
भेद भाव के जंज़ीरो को सब मिल के तोड़ो-
एक साथ सब मिलकर बोलो-
भारत जोड़ो, भारत जोड़ो...
Posted on: Nov 06, 2016. Tags: SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV
किसान स्वर: इस बार किसान दाल को छोड़कर चरोटा की खेती कर रहे हैं जिसका दाम अच्छा है...
विकासखंड-तमनार, तहसील-तमनार, जिला-रायगड़ (छत्तीसगढ) से राजेंद्र गुप्ता चरोटा की खेती के बारे में बता रहे हैं | उनका कहना है कि उनके यहाँ किसान इस बार उड़द दाल आदि की जगह चरोटा की खेती कर रहे हैं, चरोटा का बाजार में मूल्य ५० से ८० रु प्रति किलोग्राम हो गया है, इसे सहजता से न तो गाय बकरी बैल खाते है, और बड़ी ही सहजता से इसका उपजाव बंजर जैसी भूमि पर भी हो रहा है | वे कहते हैं यह समय समय की बात है कि कब किस फसल की कीमत बढ़ जाए और कब किसकी कम हो जाए । इसकी जानकारी किसानों को होनी चाहिए तब ही वे इसका लाभ ले सकते हैं । चरोटा का वैज्ञानिक नाम कोसिया तोरा है और यह पहले सिर्फ भाजी की तरह स्थानीय उपयोग में लाया जाता था । राजेन्द्र गुप्ता@9993891275
