हमारे गाँव में विकास की गति धीमी है, बहुत भष्टाचार है पर बड़े अधिकारी जांच नहीं करवा रहे हैं...
ग्राम-रिगरा, पोस्ट-बुड़ेरुआ, तहसील-मैहर, जिला-सतना (मध्यप्रदेश) से चंद्रभान पटेल बता रहे है कि वो दिव्यांग है, उनके पंचायत में सचिव और सरपंच और रोजगार सहायक के विवाद के कारण पंचायत में होने वाले विकास पर गति नहीं है इसकी शिकायत ग्रामीणों ने कमिश्नर, कलेक्टर,सीईओ के पास किये थे पर जांच नहीं हुई है. इनके गाँव में न तो शौचालय है न गैस सब्सिडी का लाभ मिल रहा है और न ही बीपीएल धारी है और जो बीपीएल धारी है उनके पास 20 से 25 एकड़ जमींन है ऐसे लोगो के राशन कार्ड बनाये गए है| सरपंच@9755659224, रोजगार सहायक@7509950023, कलेक्टर@9425036356, C.E.O.@9425185802, अपर कलेक्टर@9907086908.चंद्रभान@8878239161
Posted on: Feb 19, 2017. Tags: CHANDRABHAN PATEL SONG VICTIMS REGISTER
मैं लड़की कश्मीर की वो है मेरा आशियाँ...कश्मीर पर गीत
ग्राम-हरदोली, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से विभा उनके साथ अन्जिमा है जो एक गीत सुना रही हैं:
मैं लड़की कश्मीर की वो है मेरा आशियाँ-
इन फूलो में खुशबु बिकरे मेरे ही ये दरमियाँ-
ये बादल ये लहरे ये खुशबु ये धुप-
ये पायल ये बिंदिया ये खुशबु ये रूप-
मैं लड़की कश्मीर की ये है मेरा आशियाँ...
Posted on: Feb 19, 2017. Tags: SONG VIBHA REWA VICTIMS REGISTER
गाडी करती चुक-चुक-चुक लम्बू कहता रुक-रुक-रुक...रेलगाड़ी कविता
ग्राम-करकेटा, पोस्ट-जोगा, थाना-उटारी रोड, जिला-पलामू (झारखण्ड) से अकलेश कुशवाह एक रेलगाड़ी कविता सुना रहे है:
गाडी करती चुक-चुक-चुक लम्बू कहता रुक-रुक-रुक-
डिब्बा कहता घुस-घुस लम्बू चढ़ गया चुप-चुप-चुप-
इंजन बोल पुक-पुक-पुक गाड़ी चल दी चुक-चुक-चुक-
आगे थी वह भैंस खड़ी गाडी से वह नहीं डरी...
Posted on: Feb 19, 2017. Tags: AKLESH KUSHWAH SONG VICTIMS REGISTER
मानो तो मैं गंगा माँ हूँ, न मानो तो बहता पानी...गंगा गीत
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से रवि वर्मा एक गंगा माँ का गीत सुना रहे हैं :
मानो तो मैं गंगा माँ हूँ, न मानो तो बहता पानी-
ये सुर वर धरती को मैं प्यार बुझी निशानी-
मानो तो मैं गंगा माँ हूँ, न मानो तो बहता पानी...
Posted on: Feb 19, 2017. Tags: RAVI VARMA SONG VICTIMS REGISTER
डुमरी के पीर म हो परसवाह गाँव हवय...गाँव गीत
ग्राम-परसवाह, जिला-डिंडोरी, (मध्यप्रदेश) से दीपक छत्तीसगढ़ी भाषा में उनके गाँव पर एक गीत सुना रहे हैं:
डुमरी के पीर म हो परसवाह गाँव हवय-
आमा के छाँव हवय चिड़िया करत हवे बसेरा-
पूछत है पूछत आवे दीपक मोरो नाम वो-
परसवाह म लगत है गौरी गुरुवार का बाजार वो-
तेह जरुर आबे परसवाह बाजार वो...
