जगा-जगा हो बचावा दादा हो, बचावा दाई हो...गोंडवाना गीत
ग्राम-देवरी, पोस्ट -चंदोरा, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से वेदप्रकाश एक गोंडवाना गीत सुना रहे है:
जगा-जगा हो, बचावा दादा हो-
बचावा दाई हो-
हमर जन्म-मह्तारी बरोबरला बचावा दाई हो-
हमर जन्म भुईंयाला बचावा दीदी हो-
गोंडवाना समाज ला बचावा दीदी ओ...
Posted on: Mar 04, 2017. Tags: SONG VEDPRAKASH SURAJPUR VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : आसपास पाए जाने वाले वनस्पतियों के औषधीय गुण-
सर्फिंन पौधा के पत्ते काटे-काटे से होते है, पीला-पीला फूलता है उसके डोप को तोड़ने से पीला रंग का तरल पदार्थ निकलता है, जिस किसी को मुह में छाले पड़े हो तो उसको लगाने से तीन दिन में छाले ठीक हो जायेंगे. (२) बनसुनसुनिया होता है श्वास, दमा के रोगी उसकी माला को गले में पहनने से दमा ठीक होता है. (३) तुलसी के पत्तो का काढ़ा पीने से सर्दी खांसी, ज्वर ठीक होता है. (४) किसी को सांप ने काटा हो तो चोखन्डी नाम का पेड़ होता है, उसके रस को पीड़ित व्यक्ति के नाक, कान में डालने से वह व्यक्ति बेहोश नही होता है. ऐसे ही कई वनस्पति औषधीय गुणों से भरे पेड़ पौधे हमारे आस पास होते है जिनको जो जानते है वो उपयोग भी करते है. कन्हैयालाल पडियारी@9981622548
Posted on: Mar 04, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
गोंडी गोगो पाटा=देव गीत, नेल पाटा=खेती गीत, पुनेमी पाटा=धर्म गीत, मोहलाल पाटा=मुक्त गीत...
जयश्री गावड़े आज गोंडी संस्कृति में गीत और नृत्य के विभिन्न प्रकारों के बारे में बता रही है| पहला है-गोगो पाटा या देवगीत, यह गीत विभिन्न गोंडी देव की आराधना में गाया जाता है जैसे फरसापेन गीत, भीमलपेन गीत, सयुंग गीत, नारण पेन गीत| दूसरा-पुनेमी पाटा, धार्मिक गीत, कोया पुनेम की स्तुति में गाया जाने वाला गीत है- पुनेमी पाटा-इसमें जंगो लिंगो सगा पेन भूमल आदि की स्तुति की जाती है| तीसरा-पनगु पाटा-त्यौहार गीत, विभिन्न त्योहारों के अवसरों पर गाए जाने वाले गीतों को पनगु पाटा कहा जाता है| चौथा-नेल पाटा-खेती गीत-खेतो में काम करते समय सामूहिक रूप से गाया जाता है उन्हें नेट पाटा कहते है| पांचवा-मोहलाल पाटा-मुक्त गीत-यह जंगल में घूमते समय सुबह और शाम के समय गाया जाता है |
Posted on: Mar 04, 2017. Tags: JAYSHREE GAVDE SONG VICTIMS REGISTER
मोटा बोलकार हाथी की कहानी...
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार मोटा बोलकार हाथी की कहानी सुना रहे हैं | बहुत समय पहले की बात है भारत देश वन प्रदेश के नाम से जाना जाता था | सभी जीव जंतु में अनुशासन के कारण पर्यावरण आजकल से बेहतर था |बड़े-बड़े वन प्राणियों में हाथियों की चर्चा सभी जीव जगत में हुआ करती थी. हाथी साम्राज्य में चारो ओर खुशहाली थी. सभी आपस में सीखने सिखाने का कार्य करते थे और बेहतर समाज के निर्माण में लगे हुए थे, इसी कार्य में बिहार प्रदेश का मोटा बोलकार हाथी भी अपना योगदान दे रहा था| हाथी साम्राज्य में तरह-तरह के प्रयोग किये जा रहे थे| सूचना क्रांति के दस्तक देने के साथ ही बड़ा हाथी ने देश के चुने हुए हाथियों के साथ बातचीत की और नये तकनीक से परिचय करवाया...( आगे सुनिये)
Posted on: Mar 04, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
ये सुरुवय, ये सुरुवय ये मामन मियाड आतिक बाई सुरुवय...गोंडी गीत
सुमनलता आचला के साथ जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से निकेश वालको एक गोंडी गीत सुना रहे है:
ये सुरुवय, ये सुरुवय ये मामन मियाड आतिक बाई सुरुवय-
ये सुरुवय, ये सुरुवय मेटांग गूढ़-गूढ़ वातन कोय वातन बाई ले-
ये सुरुवय, ये सुरुवय निया नावा विचार आतक आतिक बाई ले-
दाड़गों पेय्सी लोकन नना लोकन बाई ले...



