गोंडी गोगो पाटा=देव गीत, नेल पाटा=खेती गीत, पुनेमी पाटा=धर्म गीत, मोहलाल पाटा=मुक्त गीत...
जयश्री गावड़े आज गोंडी संस्कृति में गीत और नृत्य के विभिन्न प्रकारों के बारे में बता रही है| पहला है-गोगो पाटा या देवगीत, यह गीत विभिन्न गोंडी देव की आराधना में गाया जाता है जैसे फरसापेन गीत, भीमलपेन गीत, सयुंग गीत, नारण पेन गीत| दूसरा-पुनेमी पाटा, धार्मिक गीत, कोया पुनेम की स्तुति में गाया जाने वाला गीत है- पुनेमी पाटा-इसमें जंगो लिंगो सगा पेन भूमल आदि की स्तुति की जाती है| तीसरा-पनगु पाटा-त्यौहार गीत, विभिन्न त्योहारों के अवसरों पर गाए जाने वाले गीतों को पनगु पाटा कहा जाता है| चौथा-नेल पाटा-खेती गीत-खेतो में काम करते समय सामूहिक रूप से गाया जाता है उन्हें नेट पाटा कहते है| पांचवा-मोहलाल पाटा-मुक्त गीत-यह जंगल में घूमते समय सुबह और शाम के समय गाया जाता है |

