आज शासन आदिवासी इलाके में संविधान का पालन नहीं कर रही है...(गोंडी भाषा में)

छत्तीसगढ़ में कांकेर जिले से विश्राम गावड़े सविंधान और गोंडी संस्कृति के बारे में बता रहे हैं, इसे बचाये रखना जरुरी है|आज तो शासन प्रशासन संविधान का पालन नहीं कर रही है, भारतीय संविधान 244 अनुच्छेद के अंतर्गत प्रावधान है गाँव के बिना अनुमति के कोई सरकार किसी के जमीन में कब्जा नहीं कर सकती न ही उनके खनिज को ही ले सकती है|लेकिन शासन प्रशासन हमारे बस्तर संभाग में जबरदस्ती कर रही है|हमारे गाँव लम्कंहार में भी आई आई टी के तहत अदला बदली कब्जा कर रही है, इसी तरह मेटटा बोदेली गाँव के जंगल को उजाड़ दिया और वहां के लोगों को रोजगार नहीं न ही पानी की व्यवस्था है और न ही शिक्षा की व्यवस्था है|हमारे लोग इसके साथ रावघाट आदि को बचाने लिए दो दिन की रैली भी निकाले थे, लेकिन शासन प्रशासन अभी फोर्स को तैनात कर दिया है जो हम जैसे बोलने वालों को जेल ले जाती है,तो हमें इन सबका विरोध करना पड़ेगा |

Posted on: Apr 30, 2018. Tags: VISHRAM GAWDE GONDI

महीने भर से बिजली के तार टूटे है, सूचना देने के बाद भी नहीं बना रहे है, कृपया मदद करे...

ग्राम-करसी, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से भुनलराम पैकरा बता रहे है कि गाँव के वार्ड 2, 3, 4, के बिजली के तार पिछले एक महीने से तार गिर गए है, इस संदर्भ में बिजली विभाग को फोन कर सूचना दी गई है, परन्तु आज कल करते हुए महीना हो गया है लेकिन बिजली ठीक नही हुई| सरपंच सचिव भी देखकर चले जाते है मगर इस समस्या के समाधान के लिए कोई कुछ प्रयास नही कर रहा है| इसीलिए सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे है बिजली ठीक कराने में मदद करे. कृपया इन नम्बरों पर फोन कर मदद करे: बिजली विभाग@9926643903, सरपंच@8889257811, सचिव@9424258368. पैकरा@7697219870.

Posted on: Apr 29, 2018. Tags: BHUNLRAM PAIKARA SONG VICTIMS REGISTER

आदिवासी संस्कृति में दारु पीने का नहीं बल्कि देवी देवताओ को चढाने का रिवाज है...(गोंडी)

ग्राम लाम्कंहार, तहसील अंतागढ़, जिला कांकेर,छत्तीसगढ़ से विश्राम गावड़े बता रहे हैं, दारु पीना आदिवासी संस्कृति में नहीं है लेकिन जो महुआ का फूल और छिलका को भिगो करके प्रकृति को अर्पण करते हैं|आदिवासी तो इसका व्यवसाय भी नहीं करते हैं |आदिवासी इसे इकठ्ठा करके रखे रहते थे और शादी,तीज,तिहार,जतरा में उपयोग करते थे और भूखमरी के लिए भी इसका उपयोग करते थे|लोग कहते हैं दारु से आदिवासी का विकास नहीं हो रहा है तो मैं शासन,प्रशासन से कहना चाहता हूँ कि जितने भी सरकारी शराब दूकान, भट्टी हैं उन्हें बंद किया जाए|क्योंकि इस से कई गाँव खाली हो चुके हैं आजकल गाँव में कोई युवा नहीं मिलेंगे अगर कोई हो भी तो उसे नक्सल बताकर गोली मार दिया जाता है |

Posted on: Apr 29, 2018. Tags: VISHRAM GAWDE GONDI

एई प्रीथिबीर पन्थोशालाय केहो आसे केहो जाए...बांग्ला गीत

ग्राम-जवाहरनगर, पंचायत-सुर्रा, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से प्रहलाद बांग्ला भाषा में एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं. गीत के माध्यम से यह बताया जा रहा है कि पृथ्वी पर जितने भी जीव हैं सबको एक दिन समाप्त होना है:
एई प्रीथिबीर पन्थोशालाय केहो आसे केहो जाए-
कान्ना हंसी बोल ना मिलाय निकट नीरवतार-
हाय हाय केहो आसे केहो जाए...

Posted on: Apr 28, 2018. Tags: PAHLAD BALRAMPUR SONG VICTIMS REGISTER

स्वास्थ्य स्वर: लहसुन एवं तिल के तेल से लकवे का घरेलू उपचार...

ग्राम-लेहन्गी, पोस्ट-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य चन्द्रकान्त शर्मा लकवा के घरेलू उपचार के बारे में बता रहे है: लकवे का अटेक आते ही तुरंत तिल का तेल 50 से 100 ग्राम हल्का गर्म करके पीना चाहिए एवं 4-5 कली लहसुन तत्काल खाना चाहिए. दूसरा प्रयोग लकवा ग्रस्त अंग एवं सिर पर सेक करना चाहिए| लहसुन की कली प्रतिदिन खानी चाहिए रोजाना एक कली बढाएं ऐसा प्रयोग 21 दिनों तक लगातार करे. 21 दिनों के बाद प्रतिदिन एक कली कम करते हुए सेवन करे. हरे लहसुन की पत्तियों से उसका रस निकालकर पानी में मिलाकर पीने से भी फायदा होता है. वैद्य चन्द्रकान्त शर्मा@9893327457.

Posted on: Apr 28, 2018. Tags: CHANDRKANT SHRAMA SONG VICTIMS REGISTER

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