दोस्त बना मददगार: सरकारी नशा मुक्ति केंद्र की मदद से दोस्त ने दोस्त का नशा छुड़ाया...कहानी-
राजू और रामू नाम के दो मित्र रामपुर गाँव में रहते थे, उनकी आपस में बहुत ग़हरी दोस्ती थी. वह एक दूसरे के सुख दुःख में साथ रहते थे. रामू को काम के लिए बाहर गाँव जाने की आवश्यकता पड़ी, रामू ने लगातार कठिन परिश्रम कर नई नई बातो को सीखने का प्रयास किया। इधर राजू गलत संगति में पड़कर नशा का शिकार हो गया दिन रात नशे के कारण उसका स्वास्थ्य बहुत ज्यादा खराब हो गया. इसकी सूचना राजू के दोस्त रामू को प्राप्त हुई रामू ने कठिन परिस्थति में भी विभिन्न माध्यम से समझाने का प्रयास किया परन्तु नशे की हालत राजू ने अपने दोस्त को भी भला बुरा कहा. दोस्त ने नाजुक स्थति को ध्यान में रखते हुए लगातार सम्पर्क में रहने एवं राजू के माँ,बाप को बिहार सरकार द्वारा चलाये जा रहे नशा मुक्ति केंद्र के बारे में बताया. राजू के परिवार वालो ने राजू को नशा मुक्ति केंद्र ले गए और भर्ती कराया तथा इलाज कराया, अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान बिहार सरकार द्वारा अस्पताल में बिताये दिनों के एवज में मजदूरी मिलने से स्थति में सुधार हुआ. दोस्त की मदद मिल जाने से राजू का जीवन फिर से संवर गया.सुनील कुमार@9308571702
Posted on: Mar 07, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
पहले मैं बन्दों वो मोरो माता पिता ला...गोंडवाना गीत
ग्राम-धुमाधाड़, विकासखंड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से राजपाल मरावी एक गोंडवाना गीत सुना रहे है:
पहले मैं बन्दों वो मोरो माता पिता ला-
नौ महिना से गर्भ में पाले दशवे दुनिया दिखाए-
ऊँगली पकड के चलना सिखाये हँसना बोल सिखाये-
पहले मैं बन्दों वो मोरो माता पिता ला...
Posted on: Mar 07, 2017. Tags: RAJPAL MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
रे रे रेला रे रे रेला रे रे रेला रे रे रेला रे रे रेला...गोंडी गीत
ग्राम-निशानखेडा, पोस्ट-दाहोद, तहसील-गोलगंज, जिला-रायसेन (मध्यप्रदेश) से देवेन्द्र कुमार उइके एक गोंडी गीत सुना रहे है:
रे रे रेला रे रे रेला रे रे रेला रे रे रेला रे रे रेला-
कुप्पर लिंगो निवा तल्ला ते सिरमाहोर साजे-
माता रो दादा सिरमाहोर साजे माता रो-
तल्ल्द कुप्पर निमा दोहती रो पुरका ता नेंग-
दस्तूर किती रो दादा पुरका ता नेंग दस्तूर किती रो-
कुप्पर लिंगो निवा तल्ला ते सिरमाहोर...
Posted on: Mar 06, 2017. Tags: SONG UTTAM ATALA VICTIMS REGISTER
वाह रे मोबाइल, तेरी पुकार से दिल दहल जाती है...मोबाइल पर कविता
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार बस्तर छत्तीसगढ़ के कवि पतिराम ताराम की कविता सुना रहे है:
वाह रे मोबाइल, तेरी पुकार से दिल दहल जाती है-
कुछ भी करते रहो, हाथ झट से उठा लेती है-
अधिकारी का कॉल हो तो, रूह काप जाता है-
प्रेमिका का कॉल हो तो, दिल बाग़-बाग़ हो जाता है-
पत्नी का कॉल हो तो, कान खड़े हो जाते है-
पुत्र का कॉल हो तो, हाथ ज़ेब में चला जाता है-
पुत्री का कॉल हो तो, डर पहले ख़ुशी बाद में आती है-
रिश्तेदार का कॉल हो तो, डर दिल में शमा जाती है-
वाह रे मोबाइल, तेरी पुकार से दिल दहल जाती है...
Posted on: Mar 06, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
मेरा मन प्रेम पुजारी, मेरा मन उजाला रे...होली गीत
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक होली गीत सुना रहे है:
मेरा मन प्रेम पुजारी, मेरा मन उजाला रे,
कोई कहे काला रे, कोई कहे काला रे-
मेरा मन प्रेम पुजारी, कोई कहे नन्दलाला-
कोई कहे यशोदा बाला, कोई कहे प्रेम पुजारी,
कोई कहे दही चोर,कोई कहे, माखन चोर-
कोई कहे नन्द गोपाला, कोई कहे मथुरा वाला-
मेरा मन उजाला रे, मेरा मन उजाला रे-
कोई कहे गिरिधारी, कोई कहे बन्सीधारी-
मेरा मन उजाला रे, मेरा मन उजाला रे...
