मेरा मन प्रेम पुजारी, मेरा मन उजाला रे...होली गीत
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक होली गीत सुना रहे है:
मेरा मन प्रेम पुजारी, मेरा मन उजाला रे,
कोई कहे काला रे, कोई कहे काला रे-
मेरा मन प्रेम पुजारी, कोई कहे नन्दलाला-
कोई कहे यशोदा बाला, कोई कहे प्रेम पुजारी,
कोई कहे दही चोर,कोई कहे, माखन चोर-
कोई कहे नन्द गोपाला, कोई कहे मथुरा वाला-
मेरा मन उजाला रे, मेरा मन उजाला रे-
कोई कहे गिरिधारी, कोई कहे बन्सीधारी-
मेरा मन उजाला रे, मेरा मन उजाला रे...
