इंसाफ की डगर पे बच्चों दिखाओ चल के...देशभक्ति गीत

ग्राम-छतरपुर, विकासखंड-घुघरी, जिला-मंडला (मध्यप्रदेश) से मोहन मरावी एक देशभक्ति गीत सुना रहे हैं:
इंसाफ की डगर पे बच्चों दिखाओ चल के-
यह देश हे तुम्हारा नेता तुम्ही हो कल के-
दुनिया के रंग सहना और कुछ न मुह से कहना-
सच्चाईयों के बल पे आगे को बढ़ते रहना-
रख दोगे एक दिन तुम संसार को बदल के...

Posted on: Nov 19, 2016. Tags: MARAVI MOHAN SONG VICTIMS REGISTER

वनवासी वीरों की कथा, आज सभी को सुनाये...बिरसा मुंडा जयन्ती पर गीत

मोहन सिंह मरावी ग्राम छत्रपुर, पोस्ट बजरात, विकासखंड घुघरी, जिला मंडला (मध्यप्रदेश) से बिरसा मुंडा जो देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए उनके बारे में एक गीत सुना रहे हैं:
वनवासी वीरों की कथा, आज सभी को सुनाये-
गौरवपूर्ण अतीत है अपना, स्वाभिमान से गाये-
हल्दीघाटी में राणा को, भीलों ने ही साथ दिया था-
हिन्दू रक्षक शिवाय को, वैन पुत्रो ने साथ दिया था-
गौरवपूर्ण अतीत है अपना, स्वाभिमान से गाये-
वनवासी वीरों की कथा, आज सभी को सुनाये-
सोमनाथ का रक्षक करने, भीम भिजड़ा आगे आये-
जाति सभी जीवन की, कथा सभी के सुनाये-
वनवासी वीरों की कथा, आज सभी को सुनाये-
गौरवपूर्ण अतीत है अपना, स्वाभिमान से गाये...

Posted on: Nov 15, 2016. Tags: MOHAN MARAVI SONG VICTIMS REGISTER

ओ शिल्पी! ओ शिल्पी! तुमको अपनी मूर्ति कला का रंग दिखाना है...शिक्षक गीत

ग्राम-छतरपुर,पंचायत-गजरा, तहसील-घुघरी, जिला-मंडला, मध्य प्रदेश से मोहन मरावी शिक्षकों के संदर्भ में एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं. गीत में शिक्षक की तुलना कुम्हार या शिल्पकार से की गई है :
ओ शिल्पी ! ओ शिल्पी !
तुमको अपनी मूर्ति कला का रंग दिखाना है-
तुझे तो मूर्ति बनाना है-
सत्यम-शिवम-सुन्दरम का नव अलख जगाना है-
जितने अनपढ़ पत्थर तेरे पास धरोहर हैं-
सुन्दर मूरत बनने को सब कितने आतुर हैं-
अपनी मूर्ति कला से सबको सुन्दर बनाना है-
ओ शिल्पी! तुमको अपनी मूर्ति कला का रंग दिखाना है-
अनुशासन का हाथ-हथौड़ा उर में उनके छोभो-
नीति-वचन की चोट लगाकर छड़-छड़ पेनी-पेनी-
सुन्दरता की मूरत गढ़कर तुझे दिखाना है-
ओ शिल्पी ! तुमको अपनी मूर्ति कला का रंग दिखाना है...

Posted on: Nov 12, 2016. Tags: Mohan Maravi SONG VICTIMS REGISTER

जीवन में कुछ करना है तो मन को मारे मत बैठो...प्रेरणा गीत

ग्राम-छतरपुर, विकासखंड-घुघरी, जिला-मंडला (म.प्र.) से मोहन मरावी एक गीत सुना रहे है:
जीवन में कुछ करना है तो मन को मारे मत बैठो-
आगे-आगे बढ़ना है तो हिम्मत हारे मत बैठो-
तेज दौड़ने वाला खरह दो पग चलकर हार गया है-
धीरे-धीरे चलकर कछुआ देखो बाजी मार गया-
आगे-आगे बढ़ना है तो हिम्मत हारे मत बैठो...

Posted on: Nov 07, 2016. Tags: MOHAN MARAVI SONG VICTIMS REGISTER

माँ की गोद पिता का आश्रय, मेरा मध्यप्रदेश है...राज्य गीत

मोहन मरावी,ग्राम-छतरपुर,पोस्ट-गजराज,विकासखण्ड-घुघरी,जिला-मंडला मध्यप्रदेश से एक मध्यप्रदेश गीत सुना रहे हैं:
सुख का दाता सबका साथी,सुभ का यह सन्देश है-
माँ की गोद पिता का आश्रय,मेरा मध्यप्रदेश है-
विन्ध्याचल सा भाल नर्मदा जल जिसके पास है-
यहाँ ज्ञान-विज्ञान कला का लिखा गया इतिहास है-
उर्वर भूमि सघन वन रत्न संपदा जहां अश्वेत है-
सुर सौरभ सुषमा से मण्डित मेरा मध्यप्रदेश है-
सुख का दाता सबका साथी,शुभ का यह सन्देश है-
माँ की गोद पिता का आश्रय,मेरा मध्यप्रदेश है-
चम्बल की कल-कल से गुंजित कथा ताल बलिदान की-
खुजराहो में कथा कला की चित्रकूट में राम की-
भीमबैठका आदिकला का पत्थर पर अभिषेक है-
अमृत कुण्ड अमरकंटक में ऐसा मध्यप्रदेश है-
छिप्रा में अमृत घट का मिला कृष्ण को ज्ञान यहाँ-
महाकाल को तिलक लगाने मिला हमें वरदान यहाँ-
कविता न्याय वीरता गायन सबकुछ यहाँ विशेष है-
ह्रदय देश का यह मेरा मध्यप्रदेश है-
सुख का दाता सबका साथी शुभ का यह सन्देश है-
माँ की गोद पिता का आश्रय,मेरा मध्यप्रदेश है...

Posted on: Nov 05, 2016. Tags: MOHAN MARAVI SONG VICTIMS REGISTER

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