आए मौसम की ऐसी बदलाव, घर घर आई बीमारी...स्वास्थ्य गीत -
ग्राम पोस्ट-अन्जनी, विकासखण्ड-मवई, जिला-मंडला, (मध्यप्रदेश) से सग्गन शाह मरकाम बदलते मौसम में कैसे हमारे स्वास्थ्य का ध्यान रखे यह गीत के माध्यम से सुना रहे है :
आए मौसम की ऐसी बदलाव, घर घर आई बीमारी-
आए बीमारी घर घर आए बीमारी-
आए मौसम की ऐसी बदलाव, घर घर आई बीमारी-
जेठ, आषाढ साथी तपता महिना, टप,टप,टप बरसे पसीना-
ये तो बारिस की तैयारी, घर घर आए बीमारी...
Posted on: May 09, 2017. Tags: SAGGAN SHAH MARKAM SONG VICTIMS REGISTER
हमारे पारा में हैण्डपम्प नहीं है, हम लोग झिरिया का पानी पीकर बीमार पड़ रहे हैं, कृपया मदद करें...
ग्राम-जरहीडीही, पंचायत-अड़गड़ी, विकासखंड-मैनपुर, जिला-गरियाबंद (छत्तीसगढ़) से पूरण मेसराम छत्तीसगढ़ी भाषा में बता रहे है कि उनके गाँव में एक टिकरा पारा है जिसको पंचम पारा भी कहते है जिसमे 7 परिवार हैं जो मूल गाँव से एक किलोमीटर दूरी पर है लेकिन आज तक वहां पर हैंडपंप नहीं लगाया गया जिसके चलते लोगों को झिरिया का पानी पीना पड़ता है. गर्मी के दिनों में परेशानी बढ़ जाती है जब आए दिन लोग पानी पीकर बीमार हो रहे है कई बार P.H.E. विभाग को लिखित निवेदन भी किया गया लेकिन आज तक कार्यवाही नहीं की गई| इसलिए सीजीनेट के साथियों से मदद की अपील कर रहे है| कृपया तहसीलदार@9755480666 को फोन कर दबाव बनाएं. पूरण मेसराम@9406041761.
Posted on: May 09, 2017. Tags: POORAN MESHRAM SONG VICTIMS REGISTER
आज जिसको अंग्रेजी आती है वो अच्छी नौकरी कर रहा है जिसको नहीं आती वो किसानी करते हैं...
सुनील कुमार आज लोकभाषा और मातृभाषा के महत्त्व के विषय में बता रहे हैं कि कैसे विदेशी भाषा के चलते आज हमारा देश आजादी के 70 साल पूरे करने के बाद भी जैसे का तैसा है जबकि अन्य देश अपनी मातृभाषा का उपयोग चाहे वो शिक्षा, तकनीकी या फिर और किसी क्षेत्र में कर रहे हैं और विकास की ओर बढ़ रहे हैं जबकि भारत विदेशी भाषा के चक्कर में पिछड़ रहा है. आज जिसको अंग्रेजी आती है वो अच्छा पैसा और अच्छी नौकरी कर रहा है और जिसको नहीं आती वो मजदूरी और किसानी करके गुजर-बसर करते हैं इसलिए हमे भी अन्य देशों की तरह मातृभाष का प्रयोग हर क्षेत्र में करना होगा जिस प्रकार इजरायल अपनी मातृभाषा का प्रयोग करके आज बिकासशील देशों की श्रेणी में सर्वोपरि है . सुनील@9308571702
Posted on: May 09, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
हमारे गाँव में सौर ऊर्जा के खम्भे लग रहे हैं पर मूल गाँव से एक किमी दूर हमारे पारा में नहीं लग रहा...
आज पूरण मेसराम ग्राम-जरहीडीही, पंचायत- अड़गड़ी, विकासखंड- मैनपुर, जिला-गरियाबंद, (छत्तीसगढ़) की यात्रा में आए हैं जहां उनकी मुलाक़ात पंचम पारा के कातिकराम नेताम से हुई है जो बता रहे हैं कि उनके गाँव में सौर ऊर्जा के खम्भे लग रहे हैं लेकिन उनका पारा जो मूल गाँव से एक किलोमीटर दूर है वहां सौर-उर्जा के खम्भे नहीं लगाया जा रहा है. वे कह रहे हैं अँधेरे में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है जिसके चलते रात को बिच्छू, सर्प तथा अन्य कीड़ो का डर सताता है इसलिए साथी मदद की अपील कर रहे हैं कि सीजीनेट सुनने वाले साथी
सौर उर्जा अधिकारी@ 9907477333 से बात कर उनके पारा में भी सौर ऊर्जा लगाने का अनुरोध करें। पूरण मेसराम@9406041761
Posted on: May 09, 2017. Tags: POORAN MESHRAM SONG VICTIMS REGISTER
लिखना कि प्यार की दीवानगी में ताज़महल तो बना, पर नही बना तुम्हारा झोपड़ा...कविता
ग्राम-मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर, (बिहार) से सुनील कुमार मजदूर पर एक कविता सुना रहे हैं जो संतोष श्रीवास्तव द्वारा लिखी गई है:
तुम लिखना इतिहास अपने आसुँओं का-
लिखना कि प्यार की दीवानगी में ताज़महल तो बना, पर नही बना तुम्हारा झोपड़ा-
वहसी दीवानगी ने तोड़ दी हदे, इंसानियत की बर्बरता को मात देता एलान-
कि काट लो हाथ फ़िर कभी ना बने, ताज़महल दूसरा-
यह कैसी दीवानगी, जिसमे पाक मोहब्बत ना थी-
हुकूमत का नशा खुद को ख़ुदा मान लेने की, आसमानी अकड़...


