सुख का सूरज यहाँ नही ढलता है, जिन्दगी को सुकून यहाँ मिलता है...गीत -
ग्राम-गोविन्दपुर, पोस्ट-तेजपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से अरविन्द कुमार यादव एक गीत सुना रहे है :
सुख का सूरज यहाँ नही ढलता है, जिन्दगी को सुकून यहाँ मिलता है-
माँ के आँचल की ठण्डी छाया है, पिता के प्यार का सर पे साया है-
थाम कर हाथ चलना सिखाया हमें, प्यार की थपकियों से सुलाया हमें-
यहाँ आसान नही चुकाना इनको हम पर, जो क़र्ज़ है-
माता पिता के चरणों में स्वर्ग है, माता-पिता के चरणों में स्वर्ग है...
Posted on: May 14, 2017. Tags: ARVIND KUMAR YADAV SONG VICTIMS REGISTER
ये बिकते हैं वो बिकते हैं,तक्षक के कमान बिक जाते हैं...कविता -
ग्राम-रजवाड़ा, थाना-साहेबगंज, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से विजय प्रकाश लोकप्रिय एक स्वरचित कविता सुना रहे हैं :
ये बिकते हैं वो बिकते हैं,तक्षक के कमान बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते पूरे हिंदुस्तान बिक जाते हैं-
आन बिकते हैं मन बिकते हैं मानव का सम्मान बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते यहाँ तो इंसान बिक जाते हैं-
मंदिर बिकते हैं,मस्जिद बिकते हैं, उसमे स्थित भगवान् बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते साधू,भगवान बिक जाते हैं-
प्राण बिकते हैं निशान बिकते है किसी गरीबों का कत्लेआम बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते मानवता का प्रमाण बिक जाते हैं-
शान बिकते हैं सम्मान बिकते है,बेचने वाले क्या नहीं बेचते-
इंसानियत का फरमान बिक जाते हैं-
धन बिकते हैं तन बिकते हैं सोने का खान बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते देश का आर्थिक लगान बिक जाते हैं-
अमीन बिकते हैं,जमीन बिकते हैं,खया की गिरेबान बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते गरीबों का दालान बिक जाते हैं-
मन बिकते हैं,तन बिकते हैं ,गरीबों का शरन बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते धोबी का चाँद बिक जाते हैं-
मांग बिकते हैं समांग बिकते हैं राजगद्दी का टांग बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते जनता का अरमान बिक जाते हैं-
ये बिकते हैं वो बिकते हैं,गद्दारों के ईमान बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचतेहैवानो से हिंदुस्तान बिक जाते हैं-
Posted on: May 14, 2017. Tags: SONG VICTIMS REGISTER Vijay Kumar Lokpriya
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहा घर बनने के पहले ही ढहा, कृपया गुणवत्ता की जांच करें...
प्रकाश गुप्ता आज ग्राम-बिलासपुर, ब्लॉक-बतौली, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) में हैं जहाँ वे विनोद लकड़ा से बात कर रहे हैं जिनको प्रधानमंत्री आवास योजना से 52,000 रू की मदद मिली है उसके बाद उन्होंने अपने घर से 40,000 रू और लगाया लेकिन सरकार की मदद से कराया गया निर्माण कार्य इतना घटिया है कि पूरा मकान बनने के पहले ही ढह गया है | प्रकाश स्थानीय अधिकारी से भी बात कर रहे हैं जो टालमटोल कर रहे हैं. वे सीजीनेट सुनने वाले साथियों से अनुरोध कर रहे हैं कि कृपया कलेक्टर से 9424244625 पर बात कर दबाव बनाएं कि इस काम की गुणवत्ता में सुधार हो जिससे आगे ऐसी दुर्घटना न हो और विनोद लकड़ा का घर फिर से बना कर दिया जाए. प्रकाश गुप्ता@9584513018
Posted on: May 13, 2017. Tags: PRAKASH GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
नदियों से रेत उत्खनन पर रोक के बावजूद केन नदी में अवैध उत्खनन जारी, कार्यवाही की अपील...
ग्राम-सुनेहरा, पोस्ट-वीरा, तहसील-अजयगढ, जिला-पन्ना (मध्यप्रदेश) से साधु सिंह लोधी बता रहे है कि 11 मई को ग्राम वीरा के नदी के पुल के पास प्राइवेट कंपनी के ठेकेदोरो द्वारा केन नदी से रेत उत्खनन किया जा रहा था इसकी सूचना उन्होंने 100 डायल कर तुरंत दी लेकिन पुलिस के समय पर नही आने से खनन करने वाले ठेकेदार JCB व डम्पर, ट्रेक्टर लेकर भाग गए. जबकि नदियों से रेत उत्खनन पर रोक लगी हुई है, बावजूद इसके खनन हो रहा है, पूर्व में भी इसकी शिकायत की गई है लेकिन इस ओर कोई कड़ा क़दम नही उठाया गया है, इसीलिए सीजीनेट सुनने वाले श्रोताओं से अनुरोध है आप फ़ोन कर दबाव बनाए ताकि अवैध रेत खनन बन्द हो. ए.एस.पी.07732252106,कलेक्टर@07732252003. सिंह@8719095669.
Posted on: May 13, 2017. Tags: SADHU SINGH LODHI SONG VICTIMS REGISTER
जुल्मों के बंधन टूटेंगे, मकड़ी के जाले छूटेंगे...कविता
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे है :
जुल्मों के बंधन टूटेंगे, मकड़ी के जाले छूटेंगे-
तू हाथों में ले ले किताब, सौ रस्ते इससे फूटेंगे-
आधा भारत नारी है, फिर भी क्या बेचारी है-
पढना और पढाना है, शिक्षित गाँव बनाना है-
जुल्मों के बंधन टूटेंगे, मकड़ी के जाले छूटेंगे...
