क्या होता महात्मा गाँधी भारत को आजाद बनाने को...गाना-
जिला-पूर्णिया, बिहार से रंजित कुमार एक गीत सुना रहें है:
क्या होता महात्मा गाँधी भारत को आजाद बनाने को-
आजाद बनाने महात्मा गाँधी भारत आजाद बनाने को-
आजाद महात्मा गाँधी आयें भारत आजाद बनाने को-
आवतार महात्मा गाँधी भारत को आजाद बनाने को-
राम ने मारा रावण को श्री कृष्ण ने मारा कंचन को-
बापु जी ने मारा अंग्रेजो को भारत आजाद कराने को-
क्या होता महात्मा गाँधी भारत को आजाद बनाने को...(182437) GT
Posted on: Dec 12, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
जनरल नॉलेज...
मुंगेर (बिहार) से दीपक कुमार जनरल नॉलेज बता रहे हैं| जिससे वे बच्चे जो गाँव में रहते हैं, इंटरनेट की सुवधा से दूर हैं, जिनके पास केवल एक छोटा फोन है जिससे केवल बात कर सकते हैं, दूसरे वे बच्चे जो देख नहीं सकते केवल सुन सकते हैं, इसे सुन सके और सीख सकें| एसी जानकारी रिकॉर्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर रिकॉर्ड कर सकते हैं| (AR)
Posted on: Dec 11, 2020. Tags: EDUCATION SONG VICTIMS REGISTER
हम तो तोरे जेसा ना ही देखा येसा...गजल-
जिला-मुंगेर बिहार से दीपक कुमार एक गजल सुना रहें है:
हम तो तोरे जेसा ना ही देखा येसा-
देहियाँ सहारा गजब कुर्ती-
बड़ा जली दार बा तुहार कुर्ती-
सारे जहा से मेने देखा गया हूँ गली गली-
भौरा तो डिम डिम जायें जाके बिच कलियाँ में-
तेरी आखोँ में नशा तेरी बातों में नशा-
हम तो तोरे जेसा ना ही देखा येसा...(182542) GT
Posted on: Dec 11, 2020. Tags: CG SONG SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : सिकल सेल का घरेलू उपचार-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी सिकल सेल का घरेलू उपचार बता रहें है, बबूल का ताजे फूल को रात को एक गिलास पानी में 50 ग्राम, डाले उठने के बाद इन फूलों को मसल कर उसे छान कर और उसमे मिश्री मिला कर पिने से लाभ हो सकता है | परहेज़- ठण्डी से बचे, मिर्च, मसाला, तेल, खटाई का उपयोग कम करें, नशा न करें, संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं: संपर्क नंबर@7879751110. (182497) GT
Posted on: Dec 11, 2020. Tags: HEALTH DEPARTMENT SONG VICTIMS REGISTER
पिहू-पिहू पपीहा बोले कुहू-कुहू कोयलिया हाय...दादरिया गीत-
ग्राम-डोटमा, ब्लाक-जयजयपुर, जिला-जांजगीर चापा छत्तीसगढ़ से सम्पतलाल यादव एक दादरिया गीत सुना रहें है:
पिहू-पिहू पपीहा बोले कुहू-कुहू कोयलिया हाय-
मोर मन के सुवा उड़ायें संगे तोर टूर में आयें-
तैहा मोला दे देते ना मोर मन के सुवा उड़ायें-
पिहू-पिहू पपीहा बोले कुहू-कुहू कोयलिया हाय-
कभी ना दुरे ते हस मोरे ना मोर संगी नई मिले-
पिहू-पिहू पपीहा बोले कुहू-कुहू कोयलिया हाय...(182590) GT
