हम तो तोरे जेसा ना ही देखा येसा...गजल-
जिला-मुंगेर बिहार से दीपक कुमार एक गजल सुना रहें है:
हम तो तोरे जेसा ना ही देखा येसा-
देहियाँ सहारा गजब कुर्ती-
बड़ा जली दार बा तुहार कुर्ती-
सारे जहा से मेने देखा गया हूँ गली गली-
भौरा तो डिम डिम जायें जाके बिच कलियाँ में-
तेरी आखोँ में नशा तेरी बातों में नशा-
हम तो तोरे जेसा ना ही देखा येसा...(182542) GT
