निन्यानवे का चक्कर...कहानी -
बालाघाट, (मध्यप्रदेश) से सरला श्रीवास ९९ के चक्कर की कहानी सुना रही है, जाड़ा के दिन थे ओंस पड़नी कम हो गई थी, महुआ के सुन्दर-सुन्दर पीले फूल टपकने लगे, ममता और कलावती महुए के फूल बीनने लगी और दुकान में बेचने लगी, ममता महुआ से मिले पैसे को फालतू खर्च करने लगी, कलावती फिजूलखर्च नही करती थी, एक दिन ममता ने कलावती से कहा तुम मुझसे अधिक महुआ संग्रह करती हो और खर्च नही करती हो, तब कलावती ने कहा मैं 99 को 100 बनाने के चक्कर में लगी हूँ तब ममता ने पूछा यह क्या है, तब बताया मेरा पहले ही दिन का महुआ 99 में बिका तभी दुकानदार ने कहा 1 रूपये का महुआ और ले आवों मैं तुम्हे 100 का नोट दूंगा उसी दिन से 99 को 100 बनाने के चक्कर में लगी हूँ, तभी ममता को भी समझ में आया पैसे बचाना चाहिए उस दिन से ममता भी 99 के चक्कर में लग गई |
Posted on: May 19, 2017. Tags: SARLA SHRIWAS SONG VICTIMS REGISTER
ये फैसले का वक्त है, तू आ कदम मिला...संघर्ष गीत -
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से विभाकर तिवारी एक क्रान्ति गीत सुना रहे हैं :
ये फैसले का वक्त है, तू आ कदम मिला-
ये इम्तहान सत्य है तू आ कदम मिला-
हर दिशा से भोर से सूरज निकल रहे-
आसमा में लाल फरेरे मचल रहे-
मुक्ति कारवां से कारवान मिल रहे – तू बोल किसके साथ है तू आ जरा बता – ये फैसले का वक्त...
कैद में पड़ी हुई जमी बुला रही
खींचती हुई ये मशीने बुला रही
ये जंग इन्कलाब है, तू आ लहू मिला
ये फैसले का वक्त...
गा रही अँधेरी रात में दिए की लौ
इस जहाँ से अंधकार को समेट दो
हर ओर जिंदगी की रौशनी बिखेर दो
ये जिंदगी का गीत है जिन्दा लबों से गा
ये फैसले का वक्त है, तू आ कदम मिला...
Posted on: May 19, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
गरीबों की सुनो वो तुम्हारी सुनेगा...गीत -
ग्राम-चम्पापुर छतरी, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से कलावती देवांगन व कान्ति देवांगन एक गीत सुना रही है:
गरीबों की सुनो वो तुम्हारी सुनेगा-
तुम एक पैसा दोगे वो दस लाख देगा-
बदकिस्मत बीमार बुड्ढा कदम-कदम पे गिरता है-
फिर भी इन बच्चो खातिर हाथ पसारे फिरता है-
तरस खाओ इनपे ये हाथ वालो-
उठालो इन्हें भी गले से लागलो-
मुरझाये न तो फिर न खिलेगा आंधी और तूफ़ान-
गरीबों की सुनो वो तुम्हारी सुनेगा...
Posted on: May 19, 2017. Tags: KALAVATI DEVANGAN SONG VICTIMS REGISTER
जो किसी के काम आ जाये उसे इंसान कहते हैं...प्रेरणा गीत -
ग्राम-पाली, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से शिवकुमार द्विवेदी एक गीत सुना रहे हैं :
जो किसी के काम आ जाये उसे इंसान कहते हैं-
जो पराये दर्द अपनाये उसे इंसान कहते हैं-
जो गिरकर भी सभर जाए उसे इंसान कहते हैं-
जो झूठ से भी बच जाए उसे इंसान कहते हैं-
जो हम दिव्यांगो, दृष्टिबाधितों को अपनाए उसे इंसान कहते हैं-
घृणा मत करो मन में हम भी एक इंसान कहलाते हैं-
जो किसी के काम आ जाये उसे इंसान कहते हैं...
Posted on: May 19, 2017. Tags: SHIV KUMAR DWIVEDI SONG VICTIMS REGISTER
बिन मोती इमली को डार दुलहा नवे-नवे डार...विवाह गीत -
ग्राम-सलेयाकला, जिला-छिंदवाडा (मध्यप्रदेश) से सविता धुर्वे विवाह के समय गाया जाने वाला गीत सुना रही है :
बिन मोती इमली को डार दुलहा नवे-नवे डार-
तोरे पापा सुमिरत जाए दुलहा सुमिरत जाए-
तोरे आजा सुमिरत जाए दुलहा सुमिरत जाए-
तोरे काका सुमिरत जाए दुलहा सुमिरत जाए-
तोरे मामा सुमिरत जाए दुलहा सुमिरत जाए-
बिन मोती इमली को डार दुलहा नवे-नवे डार...

