कोयल बसंत में ही कूकती हैं और बाद में भी हमारे आस पास रहती है पर आवाज़ नहीं निकाल पाती...
जय किशोर आज हमें प्रकृति के विभिन्न तौर तरीके के बारे में बता रहे हैं वे बता रहे हैं कि बसंत ऋतु में कोयल की कूकने की मीठी बोली सुनाई देती है जिसे सभी बहुत पसंद करते हैं पर वसंत के जाते ही उसका कूकना सुनाई देना बंद हो जाता है तो क्या वसंत के बाद कोयल कहीं चली जाती है? ये बता रहे हैं कि कोयल बसंत ऋतु के बाद भी कही नहीं जाती है, हमारे आस-पास ही रहती है लेकिन मौसम में बदलाव के वजह से उसका गला फट जाता है और वह बोल नहीं पाती है वह सिर्फ बसंत में ही बोल पाती है | वे कह रहे हैं कि वे कोयल की आवाज़ खुद निकालते हैं और वसंत ऋतु में जब वे ऐसा करते हैं तो कोयल उनके पीछे आवाज़ निकालती है पर वसंत के बाद वे कोशिश करती हैं पर आवाज़ निकाल नहीं पाती | जय किशोर@7033911979
Posted on: May 23, 2017. Tags: JAY KISHOR SONG VICTIMS REGISTER
गोडवाना में उठे तूफान, अब जागो लडिका जवान...गीत -
ग्राम-देवरी, पोस्ट व थाना-चंदोरा जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक गीत सुना रहे हैं :
गोडवाना में उठे तूफान अब जागो लडिका जवान-
मेहनत हमारी पूंजी है तुम्हारी लुटेरो की होगी पहचान-
ये घूसखोरी अधिकारी करते परेशान...
Posted on: May 22, 2017. Tags: KAILASH POYA SONG VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : लकवा का घरेलू उपचार...
ग्राम व पोस्ट-अंजनी, विकासखण्ड-मवई, जिला-मंडला (मध्यप्रदेश) से वैद्य सग्गन शाह मरकाम आज लकवा की बीमारी से पीड़ितों को जड़ी-बूटी औषधि से उपचार के बारे में बता रहे हैं, वे बता रहे हैं कि पसारन बेला की पत्ती, काले धतूरे का फल, मुनगा की छाली, करोंदा के जड़, तपेदी का जड़ और लहसुन को अलग-अलग बारीक कूटकर पेस्ट बना ले फिर इनको मिलकर सरसों के तेल में पकाएं और छान कर सुबह शाम सेकाई करे. साथ ही मुनगे की छाल को पीसकर उस जगह पर लेप भी लगाये 15 दिन इसका उपयोग करेने से इस बीमारी में आराम मिल सकता है. वे बता रहे हैं कि ये जड़ी बूटियां जंगल इलाकों में आम पाई जाती हैं और ज्ञान होने पर लोग इनका उपयोग कर सकते हैं और महंगी दवाइयों के चक्कर से बच सकते हैं. मरकाम@9479003194
Posted on: May 22, 2017. Tags: SAGGAN SHAH MARKAM SONG VICTIMS REGISTER
छोटी छोटी बातों पर विचार होना चाहिए...गीत -
जिला-डिन्डोरी (मध्यप्रदेश) से संतोष अहिरवार एक मानवता गीत सुना रहे हैं :
छोटी छोटी बातों पर विचार होना चाहिए-
आदमी को आदमी से प्यार होना चाहिए-
छोटी छोटी बातों पर विचार होना चाहिए-
आदमी को आदमी से प्यार होना चाहिए...
Posted on: May 22, 2017. Tags: SANTOSH AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार, इंदरावती हर पखारय तोरे पईयां...छत्तीसगढ़ी गीत -
सुनील कुमार डॉ नरेन्द्र देव वर्मा की छत्तीसगढ़ी रचना को सुना रहे है:
अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार-
इंदिरावती हर पखारय तोरे पईयां-
महूं विनती करव तोर भुँइया-
जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया-
(अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार-
इंदिरावती हर पखारय तोरे पईयां-
महूं विनती करव तोर भुँइया-
जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया...

