अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार, इंदरावती हर पखारय तोरे पईयां...छत्तीसगढ़ी गीत -
सुनील कुमार डॉ नरेन्द्र देव वर्मा की छत्तीसगढ़ी रचना को सुना रहे है:
अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार-
इंदिरावती हर पखारय तोरे पईयां-
महूं विनती करव तोर भुँइया-
जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया-
(अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार-
इंदिरावती हर पखारय तोरे पईयां-
महूं विनती करव तोर भुँइया-
जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया...

