ये वन में मन के दवाई, बुजर्ग सियान मन ला पूछा रे भाई...वन्य औषधि गीत -
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया वन्य औषधियो पर एक गीत सुना रहे हैं :
ये वन में मन के दवाई-
बुजर्ग सियान मन ला पूछा रे भाई-`
जंगल हर कटत यह घरे अब लगाई-
सब दीदी दाई मिल के जंगल ला बचाई-
सब दीदी भैया मिल के जंगल ला बचाई-
जंगल में मन के दवाई...
Posted on: Sep 19, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
नैना लोभी रे नैना लोभी खेले जुआ सार नैना लोभी...सरगुजिया कर्मा गीत -
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छतीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया सरगुजिया कर्मा गीत सुना रहें है:
नैना लोभी रे नैना लोभी खेले जुआ सार नैना लोभी-
एक जुआ खेले दुसर जुआ से नैना लोभी रे-
लुट गये जुआ के पचारे-
जबे तो टुग गये जुआ के पचारे नैना लोभी रे-
दूध चढे मन्दरी पहाड़ नैना लोभी रे-
जब ये तो दूध चढे मन्दुरु पहाड़ नैना लोभी रे...
Posted on: Sep 17, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
सुना रे बहनी भाई सरकार ले कुर्सी उठाई...कविता
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे है:
सुना रे बहनी भाई सरकार ले कुर्सी उठाई-
हमर जे जात ला विदेश जग बेचवाई-
सत्तर पचत्तर साल ला राज करी-
हमार किसान मजदुर कर कुछ न बनाई-
सरकार कर्जा देकर हमके ला फंसाई-
आज तक सरकार के कर्जा लेके कुछ न बनाई...
Posted on: Sep 17, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
संगी चिडया बोले, बनके चिडया बोले बनके...कर्मा गीत -
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक पारंपरिक कर्मा गीत सुना रहे है:
संगी चिडया बोले बनके-
चिडया बोले बनके-
घरे यहाँ ढेकी जांता टूटे जाते
अन्ते चिडया बोले-
घरे आये ढेकी मुसर छुटे जाते-
अन्ते चिडया बोले...
Posted on: Sep 16, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
एकजुट अब होआ भाई...कर्मा लोकगीत
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कर्मा लोकगीत सुना रहे है :
एकजुट अब होआ भाई-
सब हमार धरती ला बचाई-
चुनाव जीतके कुर्सी में बैठ जाते-
ये देश ले कर जा महंगाई-
तब हमार धरती ला बचाई-
ये सभी देश ला मशीन मंगाई-
एकजुट अब होआ भाई...
गाँव-गाँव सर्वे करवाई-
