ये वन में मन के दवाई, बुजर्ग सियान मन ला पूछा रे भाई...वन्य औषधि गीत -
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया वन्य औषधियो पर एक गीत सुना रहे हैं :
ये वन में मन के दवाई-
बुजर्ग सियान मन ला पूछा रे भाई-`
जंगल हर कटत यह घरे अब लगाई-
सब दीदी दाई मिल के जंगल ला बचाई-
सब दीदी भैया मिल के जंगल ला बचाई-
जंगल में मन के दवाई...
