हमारा जमीन छीनकर हमारा विकास कैसे...कहानी-

एक बड़ा गांव था| जो एक बड़ी आबादी वाला गांव था| गांव में चुनावी दौरे पर एक बड़ा नेता आने वाला था| उसके आने की तैयारी की गई| लोगो को पोस्टर, पम्पलेट के माध्यम से जानकारी दी गई| खाने और सुरक्षा की व्यवस्था की गई| नेता जी के आने से पूर्व चमचो द्वारा भाषण बाजी शुरू किया गया| नेता जी आये| उनके स्वागत में सभी खड़े हुये| फिर अपना स्थान ग्रहण किये| नेता जी ने अपने भाषण में तरह-तरह के प्रलोभन और वादे किये| भाषण ख़त्म होने के बाद, एक लड़का बोला 2 मिनट के लिये माईक मुझे दीजिये| मुझे कुछ कहना है| लडके ने कहा सब ठीक है| लेकिन फैक्ट्री के लिये भूमि कहां से लायेंगे| हमारा जमीन छीनकर पैसे वालो को दे दिया जायेगा| फिर हमारा विकास कहां से होगा| विकास तो कंपनी का होगा| आपके चमचो का होगा| कंपनी तो बाहर से कर्मचारी लायेंगे| जिससे काम अच्छा हो| हम बेरोजगार के साथ बेघर भी हो जायेंगे | नेता जी चले गये| फिर दोबारा कोई नेता वहां भाषण देने नहीं आया |

Posted on: Apr 30, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER

बाड़ी में बैगन की हुई सगाई, मिर्च ने हरी साड़ी पहनकर आई...रचना-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक रचना सुना रहे हैं :
बाड़ी में बैगन की हुई सगाई-
मिर्च ने हरी साड़ी पहनकर आई-
दोनों में हुई खूब लड़ाई-
टमाटर ने झगड़ा मचाई-
आलू बना था दूल्हा, बरबटी झूल रही थी झूला-
गोभी का मुह फूला...

Posted on: Apr 29, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

उड़ी हवा, हवा के संग, गया गया जहां के पार...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
उड़ी हवा, हवा के संग-
गया गया जहां के पार-
चार कंधो में अर्थी चली हो उसमे सवार-
चार मन काठ का घोडा सजा तैयार-
उड़ी हवा, हवा के संग गया जहां के पार...

Posted on: Apr 29, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

बेटी लाल जोड़ा पहनकर जा रही ससुराल...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
बेटी लाल जोड़ा पहनकर जा रही ससुराल-
हांथ में हल्दी पाँव में कुमकुम माहुर-
होंठो से टपक रही लार-
गाल गुलाबी होंठ शराबी, करके सोला सिंगार-
छनक रही है पायल उसकी-
मंगलसूत्र गले में हार...

Posted on: Apr 29, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

जब बेटी थी छोटी, गोद थी उसकी चार पाई...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
जब बेटी थी छोटी, गोद थी उसकी चार पाई-
धीरे-धीरे बड़ी बढ़ने लगी-
जोड़ने लगे नित माता पिता पाई-पाई-
हुई 18 जब पार, दूर से देखने सगा आई-
देख लड़की की पसंद, ठोक बजाकर पूछा ताछा-
लड़के झुका अपना नजर, कुछा जवाब दिया...

Posted on: Apr 29, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

« View Newer Reports

View Older Reports »