मन सम्पत्ति, तन सम्पत्ति और यह जीवन सम्पत्ति...देशभक्ति कविता -
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे है :
मन सम्पत्ति, तन सम्पत्ति-
और यह जीवन सम्पत्ति-
चाहता हू देस की धरती मुझे-
कुछ और भी दू-
माँ तुम्हारा, ऋण बहुत है-
मै इतना कर रहा फिर भी निवेदन-
थाल में लाऊ, सजाकर भाल जब-
कर दया सभी कर लेना प्रण-
गाना अर्पित, प्राण अर्पित-
रक्त का कण कण अर्पित...
Posted on: Jun 03, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
बोल रहा है संत विनोवा कर के ऊँची बाह रे...विनोबा गीत -
ग्राम-अजनी, विकासखण्ड-मवई, जिला-मंडला (मध्यप्रदेश) से सग्गन शाह मरकाम आचार्य विनोबा के विचारो को एक गीत के माध्यम से सुना रहे हैं :
बोल रहा है संत विनोवा कर के ऊँची बाह रे-
काम योग से बन जायेगा गोकुल अपना गांव रे-
भूमि हीन को भूमि मिलेगी भूखे को दाना पानी-
समता के पौधे पनपेंगे जैसे बरसेगा पानी-
झगड़े झंझट दूर रहेंगे-
सुखद शन्ति की हवा चले...
Posted on: Jun 03, 2017. Tags: SAGGAN SHAH MARKAM SONG VICTIMS REGISTER
निम्बू के पेड़ में, चादर बिछाओ, चादर तो फट गया, दर्जी बुलाओ...बाल कविता
ग्राम-डूमरखोरका, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से भानु एक बाल कविता सुना रहे है :
निम्बू के पेड़ में, चादर बिछाओ-
चादर तो फट गया दर्जी बुलाओ-
दर्जी का सुई टुटा, घोड़ा दौड़ा-
घोड़ा का टांग टुटा, हल्दी लगा-
हल्दी का रंग छूटा, डॉक्टर बुलाओं-
डॉक्टर का पेट फ़सा, ताली बजाओं-
निम्बू के पेड़ में, चादर बिछाओ-
चादर तो फट गया दर्जी बुलाओ...
Posted on: Jun 03, 2017. Tags: BHANU BALRAMPUR SONG VICTIMS REGISTER
सत्य के मुंह पर जब भी ताले होते हैं...गजल
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार महेश सुगम कटारे की गज़ल सुना रहे है :
सत्य के मुंह पर जब भी ताले होते हैं-
अच्छाई के देश निकाले होते हैं-
हुई ज़रा बरसात उफनने लगते हैं-
छोटे जितने नदिया नाले होते हैं-
लुका छिपी का खेल वही कर पाते हैं-
आज सियासत है ऐसे ही लोगों की-
जिनके तन उजले,मन काले होते हैं...
Posted on: Jun 03, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
हमारे ग्राम पंचायत में दो आश्रित गाँवों ने अलग ग्रामसभा की मांग की है कृपया इसमें उन्हें मदद करें
ग्राम पंचायत-चुकतीपानी, विकासखण्ड-गौरेला, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से आदेश बैगा बता रहे है कि पंचायत के तहत आने वाले आश्रित ग्राम बाहरीझुरकी और बाज़ारडांड-आमानकान में पेसा एक्ट के धारा-१२९ ख के तहत अलग ग्रामसभा की मांग की गई है, जिसमे पंचायत सचिव को जनपद स्तर से नोटिस गया था जिसके कारण एक बार ग्राम सभा हुई जिसको एजेंडे में अभी नही जोड़ा गया है| वे मांग कर रहे है कि अलग ग्रामसभा की जाए ताकि ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं का लाभ मिल सके. सीजीनेट सुनने वाले साथियों से अनुरोध है कि इन नम्बरों पर फोन कर दबाव बनाए ताकि ग्रामीणों की मांग पूरी हो सके | सचिव@9575842546, सरपंच@8718001873. आदेश बैगा@8462040914.
