दूर देश में है चाचू जी, मोबाइल से बात करूँगा...बाल कविता-
ग्राम-तमनार पड़ेगाँव, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से बाल कवि डॉ. पुष्प एक रचना सुना रहे है:
दूर देश में है चाचू जी, मोबाइल से बात करूँगा-
बोलूगा लेने आना, मैं भी लन्दन जाऊंगा-
लन्दन जाके तरह-तरह के खेल खिलौने लाऊंगा-
और पहनकर सूट बूट मैं जेंटलमेन बन जाऊँगा-
इंग्लिश बोलना मुझे न आता, अजी उसे सीख आऊंगा-
जल्दी आना मेरे चाचू मैं भी लन्दन जाऊंगा...
Posted on: Sep 16, 2017. Tags: PS PUSHP SONG VICTIMS REGISTER
संगी चिडया बोले, बनके चिडया बोले बनके...कर्मा गीत -
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक पारंपरिक कर्मा गीत सुना रहे है:
संगी चिडया बोले बनके-
चिडया बोले बनके-
घरे यहाँ ढेकी जांता टूटे जाते
अन्ते चिडया बोले-
घरे आये ढेकी मुसर छुटे जाते-
अन्ते चिडया बोले...
Posted on: Sep 16, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
Impact: Hanging high tension wire removed 3 days after report on CGnet...
ग्राम-घाटा, पोस्ट-लमसरई, तहसील-पुष्पराजगढ़, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से पनकू सिंह धुर्वे बता रहे है कि इनके गाँव के पास से बिजली का हाई टेंशन लाइन गुजरता है जिसका एक तार बहुत दिनों से झूल रहा था और उससे कभी भी कोई गंभीर दुघटना हो सकती थी पर बार बार बोलने के बावजूद कोई अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा था फिर 28 अगस्त 2017 को इन्होने सीजीनेट में एक सन्देश रिकॉर्ड किये थे कि धमेडी से लीला की और ग्राम घाटा में बिजली का तार झूल रहा था तो सीजीनेट में रिकॉर्ड करने के बाद सीजीनेट सुनने वाले साथियों के दबाव की मदद से उस तार को तीन दिन बाद ठीक कर दिया गया है इसलिए सीजीनेट के साथियों को और अधिकारियो को धन्यवाद दे रहे है | धुर्वे@8359812102
Posted on: Sep 16, 2017. Tags: PANKU SINGH DHURVE SONG VICTIMS REGISTER
ध्यान लगाकर पढना है, हमको आगे बढ़ना है....बाल गीत -
ग्राम-तमनार पड़ेगाँव, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से बाल कवि डॉ. पुष्प एक बाल गीत सुना रहे है :
ध्यान लगाकर पढना है, हमको आगे बढ़ना है-
गाँव-गाँव में जा जाकर ज्ञान का दीप जलाना है-
जहाँ कहीं भी मिले अँधेरा उसको दूर भगना है-
कोई अनपढ़ न रह पाए ध्यान हमे यह रखना है-
समझे कुछ तुम पिंटू भैया अब तो पढने जाना है-
ध्यान लगाकर पढना है हमको आगे बढ़ना है...
Posted on: Sep 16, 2017. Tags: PS PUSHP SONG VICTIMS REGISTER
नभ किरण का रथ सजा है...कविता
मुजफ्फरपुर (बिहार) से रवि वर्मा हरिवंशराय बच्चन की एक कविता सुना रहे हैं:
नव-किरण का रथ सजा है-
कलि-कुसुम से पथ सजा है-
बादलों-से अनुचरों ने स्वर्ण की पोशाक धारी-
विहग, बंदी और चारण-
गा रही है कीर्ति-गायन-
छोड़कर मैदान भागी-
तारकों की फ़ौज सारी-
चाहता, उछलूँ विजय कह-
पर ठिठकता देखकर यह-
रात का राजा खड़ा है-
राह में बनकर भिखारी-
आ रही रवि की सवारी...
