दिल को बहला ले, इज़ाज़त है, मगर इतना न उड़...गज़ल -
ग्राम-रक्शा, पोस्ट-फुनगा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से उषा सिंह एक गज़ल सुना रही है:
दिल को बहला ले, इज़ाज़त है, मगर इतना न उड़-
आज सपने देख, लेकिन इस कदर सितारे ना देख-
सिर से सिने में कभी, पेट से पांव में कभी-
एक जगह हो तो कहे, दर्द इधर होता है-
जब किसी हताश व्यक्ति से, मिलन हो जाता है तो-
ऐसा लगता है की जीवन में, सफल होना संभव नही...
Posted on: Sep 19, 2017. Tags: SONG USHA SINGH VICTIMS REGISTER
सरई के बीज को महुआ के साथ मिलाकर खा सकते हैं, पेट भी भरता है, यह हमें स्वस्थ भी रखता है...
ग्राम-उमरखोही, विकासखण्ड-गोरेला, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) में धनसाय मरावी के साथ में गाँव की महिलाये शुकवरिया और सूरज कुवर है जो सरई के पेड़ के फल का भोजन के रूप में उपयोग के बारे में चर्चा कर रहे हैं वे बता रही हैं कि इसके फल को उबालकर 4 से 5 बार उसके पानी को निकाल लेना होता है इसके पकने के बाद इसको महुआ के साथ भुन लिया जाता है उसके बाद दोनों को मिलाकर खाते है ये स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा है और जिस जगह में खाने की समस्या है वे इसी का उपयोग करते है साथ ही इसका तेल भी निकलता है जो घाव को ठीक करने में काम आता है इसका औषधीय महत्व भी है | पहले हमारे पूर्वज यही सब खाते थे हमें रासायनिक खाद से बने भोजन को छोड़ जड़ी-बूटियों की ओर लौटना होगा।
Posted on: Sep 19, 2017. Tags: DHAN SAI MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
ये वन में मन के दवाई, बुजर्ग सियान मन ला पूछा रे भाई...वन्य औषधि गीत -
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया वन्य औषधियो पर एक गीत सुना रहे हैं :
ये वन में मन के दवाई-
बुजर्ग सियान मन ला पूछा रे भाई-`
जंगल हर कटत यह घरे अब लगाई-
सब दीदी दाई मिल के जंगल ला बचाई-
सब दीदी भैया मिल के जंगल ला बचाई-
जंगल में मन के दवाई...
Posted on: Sep 19, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
सेवा है, सेवा है, सेवा है, सेवा है रे...गोंडवाना संस्कृति गीत-
ग्राम-टांकी, पोस्ट-मलगा, जिला-अनुपपुर (म.प्र.) से मनोज कुमार सिंह परस्ते एक गोंडवाना संस्कृति गीत सुना रहे है :
सेवा है, सेवा है, सेवा है, सेवा है रे-
बड़ादेव को सबको सम्मान करो रे-
अरे बड़ादेव है शक्ति सम्मान-
अरे बड़ादेव को कैसे मनाऊं-
अरे बड़ादेव कर लयो शक्ति है समारो...
Posted on: Sep 18, 2017. Tags: MANOJ SINGH PARASTE SONG VICTIMS REGISTER
हमारी उम्र 65 और 75, लेकिन हमें वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिलता, अधिकारी सिर्फ बेवकूफ बनाते है...
ग्राम पंचायत-डाहीबहरा, ब्लाक-गौरेला, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से आज कन्हैयालाल केवट के साथ गाँव के दो बुजुर्ग दादा है जो बता रहे है कि उनकी 65 और 75 वर्ष की उम्र है लेकिन उनको आज भी वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिल रहा है, इसकी शिकायत इन्होने पंचायत में किया है और सरपंच सचिव के पास भी किये है. सरपंच सचिव तो आज बनेंगा कल बनेंगा बोलकर इनको गुमराह कर रहे है | इसलिए साथी सीजीनेट सुनने वाले सभी साथियों से मदद की अपील कर रहे हैं कि अधिकरियों के फोन पर फोन करके दबाव बनाये ताकि इनको वृद्धावस्था पेंशन मिल सके | सचिव@9406114272, CEO@7389673744. गाँव के साथी @7440630232.

