impact : हमारे मोहल्ले में 2 महीने से हैण्डपंप खराब था, 15 दिन पहले संदेश रिकॉर्ड किये थे, समस्या हल हो गई...
ग्राम पंचायत-रेवटी, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सुखदेव नेटी बता रहे हैं उनके मोहल्ले का हैण्डपंप 2 महीने से खराब पड़ा था| जिसे बनवाने के लिये उन्होंने गांव के सरपंच, सचिव के पास आवेदन किया| लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी| तब उन्होंने अपनी समस्या को सीजीनेट में रिकॉर्ड किया| जिसके 15 दिन बाद हैण्डपंप सुधरवा दिया गया| अब लगभग 20 घर के लोगो को पानी की सुविधा हो गई है| इसलिये वे खुश हैं, और सीजीनेट के साथियों और संबंधित अधिकारियों को धन्यवाद दे रहे हैं| जिनके वजह से हैण्डपंप बन गया | सुखदेव नेटी@6267481614.
Posted on: Apr 03, 2019. Tags: CG IMPACT STORY SONG SUKHDEV NETI SURAJPUR VICTIMS REGISTER
छोटी सी अंगना बहारे दीदी गे मोर सुगा बोले...गीत-
ग्राम-कोटया, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक जसपुरिहा गीत सुना रहे हैं :
छोटी सी अंगना बहारे दीदी गे मोर सुगा बोले-
अंगना बहारत घनी पैरी ला ठेस लागे-
छोटी सी अंगना बहारे दीदी गे मोर सुगा बोले-
अंगना बहारत घनी पैरी ला ठेस लागे...
Posted on: Apr 03, 2019. Tags: - CG MEVALAL DEVANGAN SONG SURGUJA VICTIMS REGISTER
घाम-घाम में चुवे पसीना, पानी नहीं मिलाय...कविता-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया गर्मी में होने वाली पानी की समस्या पर एक कविता सुना रहे हैं:
घाम-घाम में चुवे पसीना, पानी नहीं मिलाय-
कलप-कलप के जिव अपन लगे हे तरसाय-
नाला सूखे कुआ सूखे सूख गये फूटबाल-
तालाब पोखर सब सूखे नई दिसे घर दुआर-
घाम-घाम में चुवे पसीना, पानी नहीं मिलाय-
कलप-कलप के जिव अपन लगे हे तरसाय...
Posted on: Apr 03, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
हाय रे हाय रे मया ला झन भूलो भाई...गीत-
ग्राम, पोस्ट-डिज़ावल, तहसील, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सुखसागर सिंह पावले एक गीत सुना रहे हैं :
हाय रे हाय रे मया मा झन भूलो भाई-
कोड़ी के फंदा मुड़े ला फसाया रे-
मया मा झन भूलो भाई-
पल भर मा बैर होगे दुश्मन मितान-
दू बोतल दारु पीके पड़गे उतान-
हाय रे हाय रे मया ला झन भूलो भाई...
Posted on: Apr 03, 2019. Tags: CG SONG SUKHSAGAR PAVLE SURAJPUR VICTIMS REGISTER
हांथी आये थपक थप, पूंछी ला सपटाय के...कविता-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास पोया एक कविता सुना रहे हैं :
हांथी आये थपक थप, पूंछी ला सपटाय के-
पानी खीचे सोंढ में, आंखी ला मटकाय के-
सूपा जैसे कान हवे, देखे सीधे जाय के-
बार बोकला खाथे येहर, गेडा ला चटकाय के-
चर-चर महूत करथे, अंकुस ला गड़ाय के-
हमन ला घुमाय पीठ मा बैठाय के...
