प्रथम भक्ति संतन कर संगा : रामचरित मानस-
भोरमदेव वनांचल, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से अमित साहू रामचरित मानस की कुछ पंक्तियाँ सुना रहे हैं :
प्रथम भक्ति संतन कर संगा – दूसरी भक्ति मम कथा प्रसंगा – तीसरी भक्ति गुरु पद पंकज सेवा – चौथी भक्ति मन गुनकरई कपट तजि गान – पंचम भक्ति मंत्र जाप मम ड्री विश्वासा भजन सुवेध प्रकाशा – छथम भक्ति निरंतर सज्जन धर्मा...
Posted on: Dec 10, 2017. Tags: AMIT SAHU SONG VICTIMS REGISTER
मेरो मन में राम, तन में राम...भजन-
ग्राम-छुल्कारी, पोस्ट-फुन्गा, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से सोनू केवट एक भजन गीत सुना रहे है:
मेरो मन में राम तन में राम-
रोम-रोम में राम है-
राम सुमर ले ध्यान लगा ले-
छोड़ जगत के काम-
बोलो राम बोलो राम-
मेरो मन में राम तन में राम...
Posted on: Dec 10, 2017. Tags: SONG SONU KEWAT VICTIMS REGISTER
खुमरी के ओढईया नागर बैला के जोतईया ना...लोक गीत -
ग्राम-छुल्कारी, पोस्ट-पसला, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से लल्लू केवट एक लोक गीत सुना रहे हैं :
खुमरी के ओढईया नागर बैला के जोतईया ना – माया ले जा रे मोर गाँव के – हो दया मया ले जा गा हमर गाँव के – संझा संझा घर आपन आथन गा – ढुकुर ढुकुर पेज पी के अपन जिन्दगी बिताथन गा – खुमरी के ओढईया नागर बैला के चारईया...
Posted on: Dec 08, 2017. Tags: LALLU KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर: लाख जिससे चूड़ी और कांच बनता है उसे हम जंगल से लाकर बाज़ार में बेचते हैं...
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज ब्लाक-दुर्गकोंदल जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) के दुर्गूकोंदल बाज़ार में है वहां से गणेश सिंह आयाम के साथ में वहां के एक बुज़ुर्ग रिदुराम जी हैं वे बता रहे है कि उनके पास लाख है उसको जंगल से तोड़कर लाये है और उसका कांच और चूड़ी बनता है और यह कोशुम के पेड़ में पाया जाता है वे लोग 190 रूपये में गाँव के लोगों से लेते है और बाजार में 192-193 में बेचते है बता रहे है और लाख सिर्फ ठंड के मौसम में ही मिलता है |इसे ग्रामीणों द्वारा कुसुम के पेड़ पर लगाया जाता है और उसे तोड़कर ठण्ड के मौसम बेचते है वे बोल रहे है कि आप लोग भी लाख लगाइए और उसका फायदा उठाएगा. गणेश आयाम@9754186921.
Posted on: Dec 08, 2017. Tags: GANESH AYAM SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
री री लोयो रीलो रीलो री री लोयो रीलो रीलो...गोंडी देवी गीत -
ग्राम-परवी, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से रहमती मेके, कान्ति नेताम और झिंगो बाई एक गोंडी गीत सुना रहे है:
री री लोयो रीलो रीलो री री लोयो रीलो रीलो-
अगा बेगा दाहिन दाहिन अगा बेगा मातन हो-
हाय पर्रो दिपने वातन योया हाय पर्रो दिपने मातन वो-
अगा बेगा रहसी याया अगा बेगा रहसी वो...

