हाय रे हाय गा बनवासी हो गए ना...भजन -

ग्राम-छुल्कारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से लल्लू केवट एक भजन सुना रहे हैं :
हाय रे हाय गा बनवासी हो गए ना – राम लक्ष्मन सीता बनवासी हो गए ना – आगे आगे राम चलत है पीछे लक्ष्मन भाई – हाय हाय पीछे लक्षमन भाई – माझ माझैया सीता जानकी शोभा बरन ना जाई – हाय रे हाय गा बनवासी हो गए ना...

Posted on: Dec 04, 2017. Tags: LALLU KEWAT SONG VICTIMS REGISTER

हाय रे हाय रे जवानी तोहर जान मारे...वीरनारायण बलिदान दिवस पर कर्मा गीत -

ग्राम-नरोला, पोस्ट-गोविन्दपुर, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कमान सिंह मरावी बता रहे है कि 10-12-2017 दिन रविवार को शहीद वीरनारायण बलिदान दिवस की 160 वीं वर्षगांठ मना रहे है उसी से सम्बंधित एक पारम्परिक कर्मा गीत सुना रहे है :
हाय रे हाय रे जवानी तोहर जान मारे-
बेरी-बेरी सूरत सताये जवानी तोहर जान मारे-
मोरे संगे माया करें दुसर संगे प्यार-
करेजा ला बाण मारे फटते ला दरार-
हाय रे हाय रे जवानी तोहर जान मारे...

Posted on: Dec 04, 2017. Tags: KAMAAN SINGH MARAVI SONG VICTIMS REGISTER

किसान स्वर: रबी की विभिन्न फसलों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी -

ग्राम-छुल्कारी, पोस्ट-फुन्गा, जिला-अनुपपुर (म.प्र.) से रेवालाल केवट कृषि के बारे में जानकारी बता रहे है कि इस माह गेहूं में सिंचाई जरुर करें| गेहूं में सिंचाई के बाद विभाजित खुराको में नाइट्रोजन याने यूरिया का छिडकाव करें| चने में फूल अवस्था में सिंचाई करें| बादल छाये रहने की स्थिति में चने में इल्ली लगने की आशंका बढ़ जाती है इसलिए इल्ली नियंत्रण के लिए उचित कदम उठाये इल्ली संक्रमण के दौरान किलान फास 25 या मिल्कीयन दवा का छिडकाव करें| रोपित पौधा में सिंचाई करें ढाल बनाये खरपतवार का नियंत्रण करें | सब्जियों में तैयार प्याज, बैगन, टमाटर, मिर्च, गोभी, फूल गोभी, के तैयार अंकुरों को रोपन करें गुलाब में सिंचाई कम करें | इस माह चने की फसल में खुदाई का कार्य करें | रेवालाल केवट@7693063051.

Posted on: Dec 04, 2017. Tags: REWALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER

पेड़ धरती के सिंगार है...कविता -

भोरमदेव वनांचल, आदिवासी बाहुलक्षेत्र, कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से अमित साहू एक कविता सुना रहे हैं:
पेड़ धरती के सिंगार है-
इसको मत काटो इसमें ममता प्यार है-
गंदा हवा लेकर पीता स्वच्छ हवा यह देता-
पुत्र जैसा इसको मानो वृक्ष के तुम गुन जानो-
एक दिन तुम पक्षताओगे फिर से पेड़ लगाओगे-
इसे प्रकृति का वरदान है इसे भी जीने दो...

Posted on: Dec 04, 2017. Tags: AMIT SAHU SONG VICTIMS REGISTER

हांथी दादा बड़े सवेरे निकल पड़े मैदान में...बाल कविता -

तमनार पड़ेगांव, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से डॉ PS पुष्प बाल कविता सुना रहे हैं:
हांथी दादा बड़े सवेरे निकल पड़े मैदान में-
कांप रहे थे ठुठरन में जान नही रही जान में-
इतने में तो सूरज भईया निकल पड़े असमान से-
टाटा कह जाड़े को दादा उछल पड़े अब शान से-
टाटा कह जाड़े को दादा उछल पड़े अब शान से...

Posted on: Dec 04, 2017. Tags: DR PS PUSHP SONG VICTIMS REGISTER

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