अमरकंटक, मध्यप्रदेश में 13 एवं 14 जनवरी 2018 को वार्षिक गोंडवाना मेला के लिए आमंत्रण...
नगर पंचायत-अमरकंटक, ब्लाक-पुष्पराजगढ़, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से बाबूलाल नेटी बता रहे है कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी गोंडवाना रत्न दादा हीरासिंह मरकाम जी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में महाकुम्भ के जैसा महान मेला अमरकंटक में 13 एवं 14 जनवरी 2018 को संचालित किया जाएगा इसलिए सभी देशवासियों को आमंत्रित किया जाता है. गोंडी संस्कृति, गोंडी भाषा, गोंडी राजनीति एवं गोंडी कार्यक्रम को देखने के लिए लाखो लोग यहाँ हर साल आते है और वे कह रहे हैं कि आप लोग भी उस समय आकर 14 जनवरी को रत्न दादा हीरासिंह मरकाम जी के जन्मदिन की खुशियाँ मनाये और गोंड समाज के अन्य साथियों से भी मिलें. बाबूलाल नेटी@9644119463.
Posted on: Dec 27, 2017. Tags: BABULAL NETI SONG VICTIMS REGISTER
दिन भर चाहे जहाँ रहियो हमार पिया...लोकगीत -
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक लोकगीत सुना रहे है:
दिन भर चाहे जहाँ रहियो हमार पिया-
रात को घर चले अइयो हमार पिया-
आज के रतिया जो घर नहीं अइयो-
बोर बहे पछ्तइयो हमार पिया-
दिन भर चाहे जहाँ रहियो हमार पिया...
Posted on: Dec 26, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
बिरहा के आगि आला गेला यही तोन में...निर्गुण गीत-
रवि कुमार एक निर्गुण गीत सुना रहे है:
बिरहा के आगि आला गेला यही तोन में-
कौन साखी मार देहली तोह्ना ये राम-
कौन साखी मार देहली तोह्नावा ये अर्जी-
बिरहा के आगि आला गेला यही तोन में...
Posted on: Dec 26, 2017. Tags: RAVI KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
युग की जड़ता के खिलाफ एक इन्कलाब है...गीत-
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार अशोक भार्गव की एक रचना सुना रहे है:
युग की जड़ता के खिलाफ एक इन्कलाब है-
हिन्द के जवानों का एक सुनहरा ख्वाब है-
भारतीय सांस्कृतिक क्रांति मानवीय सांस्कृतिक क्रांति-
विश्व में हमारी पहुँच बढ़ रही है आज पर-
दूर हो रहा है घर पडोसी का-
आदमी को आदमी के करीब लाएगी-
भारतीय सांस्कृतिक क्रांति मानवीय सांस्कृति क्रांति...
Posted on: Dec 26, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
गोंडवाना गीत गवैया हों मैं, गढ़ मंडला के रवैया हों मैं...गोंडवाना गीत -
ग्राम-सालीवाडा, तहसील-नैनपुर, जिला-मंडला (मध्यप्रदेश) से कलीराम धुर्वे एक गोंडवाना गीत सुना रहे है:
गोंडवाना गीत गवैया हों मैं-
गढ़ मंडला के रवैया हों मैं-
गढ़ किला ला बतिया हों मैं-
साबो जना जगइया हों मैं-
सबला सुनाई बरे गावत हों-
सबले सुनाई यहाँ आवत हों-
दादा रे दाई हो बहनी हो भाई रे-
सबले सुनाई यहाँ आवत हों...



