एक डोंडी, डोंडी नगर कांदा...गोंडी विवाह गीत -
ग्राम-मयाना, ब्लाक-चारामा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से धनेश्वरी सिन्हा एक गोंडी विवाह गीत सुना रही है:
एक डोंडी, डोंडी नगर कांदा-
हे दादा एक डोंडी, डोंडी नगर कांदा-
लसा ते लसा दादा मूंगाचो लसा-
एक डोंडी, डोंडी नगर कांदा...
Posted on: Jan 04, 2018. Tags: DHANESHWARI SINHA SONG VICTIMS REGISTER
बीन ले तीन तेंदूवा वो बीन ले तन छार...गीत -
ग्राम-हटका चारामा, तहसील-नरहरपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से सपना वट्टी के साथ में एक माता है जो एक गीत सुना रही है:
बीन ले तीन तेंदूवा वो बीन ले तन छार – गोही खा ले तन सबो संगवारी-
ठाकुर के नहीं आवत ले गोही-
संगी बैठ जातन महुआ के छाँव रे-
बीन ले तीन तेंदूवा वो बीन ले तन छार...
Posted on: Jan 02, 2018. Tags: SAPNA SONG VICTIMS REGISTER WATTI
ऐ गा बनाने वाले कैसा रेल बनाया जी...गीत -
संतोष कुमार अहिरवार नया साल की शुभकामना देते हुवे एक गीत सुना रहे हैं :
ऐ गा बनाने वाले कैसा रेल बनाया जी – काहे के इंजन भईया काहे के कोयला है – काहे के अगिन जलाया जी – कहे के ओमा लाइन बिछे है कौन वेग चले जाना जी – तन के इंजन भईया मन के कोयला है – खोद के अगिन जलाया जी – दोनों नयन के लाइन बिछे है देख यमपुर चले जाना बनाने वाला...
Posted on: Jan 02, 2018. Tags: SANTOSH KUMAR AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
मैं विधवा हूँ, मुझे 2 साल तक विधवा पेंशन दिए लेकिन 3 साल से बंद कर दिए है, कोई सुनते नहीं...
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा से चंद्रभान मार्को गौरा चौक, ग्राम-हटका चारामा, विकासखंड-नरहरपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) के जया बाई सोरी से बात कर रहे हैं जो बता रही है कि उनको विधवा पेंशन 2 साल तक मिला लेकिन अभी 3 साल से विधवा पेंशन बंद कर दिए है और किस कारण से बंद किया गया है वो भी नहीं बताया है गया| उसके लिए उन्होंने कई बार ग्राम सभा में शिकायत की तो मिलेगा-मिलेगा बोलकर गुमराह कर रहे है लेकिन अभी तक नहीं मिला है | इसलिए साथी सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे है कि इन अधिकारियो से बात कर उनको विधवा पेंशन दिलवाने में मदद करें: C.E.O.@9424299510, सचिव@9098150009. चंद्रभान मार्को@9111431320.
Posted on: Jan 02, 2018. Tags: JAYA BAI SORI SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर: ग्रामीण आदिवासी महिलाएं वनों से प्राप्त वस्तु से झाड़ू बनाती है कुछ उसे बेचती भी हैं...
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा के साथी राकेश कुमार आज ग्राम-दमकसा, ब्लॉक दुर्गूकोंदल जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) में हैं वहां की एक बुजुर्ग महिला मंगली बाई गोंडी में बता रही हैं वे अपने लिए झाड़ू खुद बनाती हैं जिसके लिए सामग्री उन्हें वनों से सर्दी के मौसम में प्राप्त होता है. उन्होंने झाड़ू बनाने की कला अपने पूर्वजों से देखकर सीखी है और वे इस कला को सिखाती भी हैं अभी अपने द्वारा बनाये झाड़ू का उपयोग केवल अपने घर की सफाई करने के लिए करती हैं लेकिन उनके सांथी इससे रोजगार भी करते है इस तरह से ग्रामीण महिलाएं वनों से प्राप्त चीजों का उपयोग न केवल अपने दैनिक कार्यों में करते हैं बल्कि उसका रोजगार करने की भी कला रखते हैं...

