वनांचल स्वर: ग्रामीण आदिवासी महिलाएं वनों से प्राप्त वस्तु से झाड़ू बनाती है कुछ उसे बेचती भी हैं...
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा के साथी राकेश कुमार आज ग्राम-दमकसा, ब्लॉक दुर्गूकोंदल जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) में हैं वहां की एक बुजुर्ग महिला मंगली बाई गोंडी में बता रही हैं वे अपने लिए झाड़ू खुद बनाती हैं जिसके लिए सामग्री उन्हें वनों से सर्दी के मौसम में प्राप्त होता है. उन्होंने झाड़ू बनाने की कला अपने पूर्वजों से देखकर सीखी है और वे इस कला को सिखाती भी हैं अभी अपने द्वारा बनाये झाड़ू का उपयोग केवल अपने घर की सफाई करने के लिए करती हैं लेकिन उनके सांथी इससे रोजगार भी करते है इस तरह से ग्रामीण महिलाएं वनों से प्राप्त चीजों का उपयोग न केवल अपने दैनिक कार्यों में करते हैं बल्कि उसका रोजगार करने की भी कला रखते हैं...

