मोर टोपी पिन्धईया कहाँ गए...छत्तीसगढ़ी व्यंग्य
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता छत्तीसगढ़ी भाषा में एक व्यंग्य रचना सुना रहे है :
मोर टोपी पिन्धईया कहाँ गए-
मोर भासन देवैया कहाँ गए-
ग्यारा लाख रुपैया के मोटर मा चढके-
गरीबी हटाईया कहाँ गए-
मोर बाईरी ला खोजत हवों-
मोर दुश्मन ला खोजत हवों...
Posted on: Jun 17, 2017. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
निजी कंपनी नियमों को किनारे रख निजी नाम से ज़मीन खरीद रही है : आरोप, जांच का अनुरोध...
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता आरोप लगा रहे हैं कि जिंदल पावर लिमिटेड कम्पनी द्वारा 2004 से अब तक 500 एकड़ आदिवासी और गैर आदिवासियों की भूमि को विभिन्न नाम पर क्रय किया गया है वे कह रहे हैं यह एक धोखा है क्योंकि कंपनी ने यह जमीन पवार प्लांट स्थापित करने के लिए खरीदा है उदाहरण स्वरुप वे बता रहे हैं कि कम्पनी द्वारा 250 एकड जमीन दिनेश कुमार भार्गव के नाम पर मन चाहे दामो में खरीदा गया है. वे चाहते हैं कि सरकार इसकी जांच करे क्योंकि किसी भी कंपनी के लिए ज़मीन खरीदने के लिए सरकार द्वारा एक निश्चित प्रक्रिया है जिसका पालन नहीं किया जा रहा है. वे इस सन्देश को सरकार तक पहुँचाने के लिए अपील कर रहे हैं | गुप्ता@9993891275
Posted on: Jun 12, 2017. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
5 जून विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में 36गढ़ की 36 भाजियों (साग) के बारे में जानकारी...
रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता बता रहे हैं कि 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है वे अनुरोध कर रहे है विश्व पर्यावरण की रक्षा के लिए संकल्प ले अनावश्यक रूप से हरे भरे वृक्षो की कटाई न करे और स्थानीय भोजन खाएं। वे छत्तीसगढ़ में होने वाली 36 प्रकार की भाजी जिसे साग कहते है उनके नाम बता रहे हैं : आमरी भाजी, केट, सिंगा, चना, लाल, ऐडा, गोंदली, गोहार मुस्टेनी, पटवा, कजरा, मंजरिया, चनोरी, तीनपनिया, कुरमा, मोरई, छोलाई, कर्मठा, कांदा, मखना चुनचुनिया, पालक, कुटका बर्रे, गोभी लहसुन, कुशुम, सरसों, चिरोटा, चिरचिरा, कुर्ला, गुडुर मूनगा, आलू, बतवा, मूली। ये सभी साग इस प्रदेश में पाया जाता है, इसका समय और ऋतु के अनुसार अपना महत्व होता है | राजेंद्र गुप्ता@9993891275
Posted on: Jun 02, 2017. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
फलों के राजा आम के मौसम में आम के बागान की सैर: यहां के कई आम साल में दो बार फलते हैं...
ब्लॉक-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेन्द्र गुप्ता बोल रहे है अभी जो समय चल रहा है वो आम का है, बता रहे है कि ऋतुराज बसंत है तो फलों का राजा आम है, वे आज हमें एक आम के बागान ले चल रहे हैं तमनार ब्लॉक के कोचाईलिटी में 21 प्रजाति के आम पाए जाते है स्वर्गीय केसवानन्द के बागान में वहां जो फ़िलहाल देख रेख करने वाले बैसाखू है उनसे वे बात कर रहे हैं वो बता रहे है कि यहाँ के आम बहुत ही प्रसिद्ध है यहाँ का आम साल में दो बार फल देता है, 21 प्रकार की देसी किस्मों के आम है और नई प्रजाति में दसहरी, लंगड़ा बाम्बे ग्रीन, हिमसागर, नीलम आदि किस्मे भी है, देसी प्रजातियां अब धीरे धीरे विलुप्त हो रही है | राजेन्द्र गुप्ता@9993891275
Posted on: May 28, 2017. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
श्रद्धा और विश्वास भूख और प्यास तन-मन...छत्तीसगढ़ी रचना -
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेन्द्र गुप्ता रायगढ़ के बारे में बता रहे हैं कि पुरातत्व के लोगो के आधार पर यहाँ पर जो भूस्थलीय धरोहर जैसे नगाड़ा किला शैलचित्र है वो हजारों वर्ष पुरानी है उनके ऊपर आधरित के रचना सुना रहे है :
श्रद्धा और विश्वास भूख और प्यास तन-मन-
जीवन और मरन, जस और अपजस दिन और रात-
जय जवान-जय किसान हर क्षण है ख़ास-
हर जगह है आस न कोई ख़ास-
रंग और रूप के हर जगह के होए मिलाप-
और कलि है हर छड पास-
द्वापर-त्रेता कुछु रहे बिसाहत-
लबरा के कहती ताकड़ो निय विश्वास-
जेन ला देख आपन ला नोत्री करेला विश्वास...
