मोर टोपी पिन्धईया कहाँ गए...छत्तीसगढ़ी व्यंग्य
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता छत्तीसगढ़ी भाषा में एक व्यंग्य रचना सुना रहे है :
मोर टोपी पिन्धईया कहाँ गए-
मोर भासन देवैया कहाँ गए-
ग्यारा लाख रुपैया के मोटर मा चढके-
गरीबी हटाईया कहाँ गए-
मोर बाईरी ला खोजत हवों-
मोर दुश्मन ला खोजत हवों...
