सब की तबडीया रे निमुआ भैईले पतनार रे...विवाह गीत
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से रवि वर्मा विवाह के समय में गाया जाने वाला एक गीत सुना रहे हैं :
सब की तबडीया रे निमुआ भैईले पतनार रे-
अरे बरम बाबा के बेरिया रे निमुआ-
हम न जनली रे निमुआ होवबे पतझार रे-
रुपती अनार रे जोरी से काटत निमुआ-
Posted on: May 19, 2017. Tags: RAVI VARMA SONG VICTIMS REGISTER
आज के युवा पीढ़ी के लिए सन्देश : देश के वीर शहीदों के रास्ते पर चलें -
ग्राम-कोड़े कुरसे, ब्लाक-दुर्गुकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से सुमनलता एक साथी सुरजू टेकाम से आज की युवा पीढ़ी के लिए एक सन्देश रिकॉर्ड करा रही है वह कह रहे हैं कि जिस प्रकार हमारे शहीदों ने बिना स्वार्थ के देश को बचाने के लिए हंस कर फांसी पर चढ़ गये उसी प्रकार आज के युवा को भी करना चाहिए लेकिन आज का युवा यही सोचता है कि पढ़-लिखकर नौकरी करना है और पैसा कमाना है जबकि पैसे ही कमाकर देश की रक्षा नहीं हो सकती है इसलिए हमे देश के प्रति अपने मन को एकाग्र करना होगा जब हम अपने शहीदों को याद करके उनके आदर्शों पर चलेंगे तभी देश का भला हो सकेगा , भारत माता की जयघोष के साथ शहीदों की भी जयघोष करनी होगी | सुमनलता@9406409846.
Posted on: May 19, 2017. Tags: SONG SUMANLATA ACHALA VICTIMS REGISTER
गोंडवाना के राजा रावण पर एक चर्चा-
तहसील-धनोरा, जिला-गढ़चिरौली (महाराष्ट्र) से गोंडी भाषी दीपिका मडावी के साथ हैं उत्तम आटला जो आज उन्हें राजा रावण के विषय में जानकारी दे रहे हैं ये कहते हैं कि लोगों का मत है कि रावण ब्राम्हण थे कोई कहता है तमिल थे लेकिन ऐसा कुछ नहीं है रावण गोंडवाना के राजा थे क्योकि जिस समय दशहरे के समय रावण दहन होता है तब इस कार्यक्रम में ब्राम्हण हो या तमिल कोई भी इस पर सवाल नहीं उठाता है जबकि गोंडवाना समाज इस पर्व पर बड़े हर्षोल्लास के साथ उनके कुल देवता रावण राजा की पूजा करता हैं इस बात को गोंडवाना समाज के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा कि रावण उनका श्रेष्ठ राजा था| दीपिका मंडावी@ 7719930515
Posted on: May 19, 2017. Tags: DEEPIKA MANDAVI SONG VICTIMS REGISTER
निन्यानवे का चक्कर...कहानी -
बालाघाट, (मध्यप्रदेश) से सरला श्रीवास ९९ के चक्कर की कहानी सुना रही है, जाड़ा के दिन थे ओंस पड़नी कम हो गई थी, महुआ के सुन्दर-सुन्दर पीले फूल टपकने लगे, ममता और कलावती महुए के फूल बीनने लगी और दुकान में बेचने लगी, ममता महुआ से मिले पैसे को फालतू खर्च करने लगी, कलावती फिजूलखर्च नही करती थी, एक दिन ममता ने कलावती से कहा तुम मुझसे अधिक महुआ संग्रह करती हो और खर्च नही करती हो, तब कलावती ने कहा मैं 99 को 100 बनाने के चक्कर में लगी हूँ तब ममता ने पूछा यह क्या है, तब बताया मेरा पहले ही दिन का महुआ 99 में बिका तभी दुकानदार ने कहा 1 रूपये का महुआ और ले आवों मैं तुम्हे 100 का नोट दूंगा उसी दिन से 99 को 100 बनाने के चक्कर में लगी हूँ, तभी ममता को भी समझ में आया पैसे बचाना चाहिए उस दिन से ममता भी 99 के चक्कर में लग गई |
Posted on: May 19, 2017. Tags: SARLA SHRIWAS SONG VICTIMS REGISTER
ये फैसले का वक्त है, तू आ कदम मिला...संघर्ष गीत -
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से विभाकर तिवारी एक क्रान्ति गीत सुना रहे हैं :
ये फैसले का वक्त है, तू आ कदम मिला-
ये इम्तहान सत्य है तू आ कदम मिला-
हर दिशा से भोर से सूरज निकल रहे-
आसमा में लाल फरेरे मचल रहे-
मुक्ति कारवां से कारवान मिल रहे – तू बोल किसके साथ है तू आ जरा बता – ये फैसले का वक्त...
कैद में पड़ी हुई जमी बुला रही
खींचती हुई ये मशीने बुला रही
ये जंग इन्कलाब है, तू आ लहू मिला
ये फैसले का वक्त...
गा रही अँधेरी रात में दिए की लौ
इस जहाँ से अंधकार को समेट दो
हर ओर जिंदगी की रौशनी बिखेर दो
ये जिंदगी का गीत है जिन्दा लबों से गा
ये फैसले का वक्त है, तू आ कदम मिला...


