आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : लकवा का घरेलू उपचार...
ग्राम व पोस्ट-अंजनी, विकासखण्ड-मवई, जिला-मंडला (मध्यप्रदेश) से वैद्य सग्गन शाह मरकाम आज लकवा की बीमारी से पीड़ितों को जड़ी-बूटी औषधि से उपचार के बारे में बता रहे हैं, वे बता रहे हैं कि पसारन बेला की पत्ती, काले धतूरे का फल, मुनगा की छाली, करोंदा के जड़, तपेदी का जड़ और लहसुन को अलग-अलग बारीक कूटकर पेस्ट बना ले फिर इनको मिलकर सरसों के तेल में पकाएं और छान कर सुबह शाम सेकाई करे. साथ ही मुनगे की छाल को पीसकर उस जगह पर लेप भी लगाये 15 दिन इसका उपयोग करेने से इस बीमारी में आराम मिल सकता है. वे बता रहे हैं कि ये जड़ी बूटियां जंगल इलाकों में आम पाई जाती हैं और ज्ञान होने पर लोग इनका उपयोग कर सकते हैं और महंगी दवाइयों के चक्कर से बच सकते हैं. मरकाम@9479003194
Posted on: May 22, 2017. Tags: SAGGAN SHAH MARKAM SONG VICTIMS REGISTER
छोटी छोटी बातों पर विचार होना चाहिए...गीत -
जिला-डिन्डोरी (मध्यप्रदेश) से संतोष अहिरवार एक मानवता गीत सुना रहे हैं :
छोटी छोटी बातों पर विचार होना चाहिए-
आदमी को आदमी से प्यार होना चाहिए-
छोटी छोटी बातों पर विचार होना चाहिए-
आदमी को आदमी से प्यार होना चाहिए...
Posted on: May 22, 2017. Tags: SANTOSH AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार, इंदरावती हर पखारय तोरे पईयां...छत्तीसगढ़ी गीत -
सुनील कुमार डॉ नरेन्द्र देव वर्मा की छत्तीसगढ़ी रचना को सुना रहे है:
अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार-
इंदिरावती हर पखारय तोरे पईयां-
महूं विनती करव तोर भुँइया-
जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया-
(अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार-
इंदिरावती हर पखारय तोरे पईयां-
महूं विनती करव तोर भुँइया-
जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया...
Posted on: May 22, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
दुनिया के देवता को न्योता तुम न्योता...छत्तीसगढ़ी गीत -
ग्राम-कपरिया, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से परमेश्वरलाल पुरी एक छत्तीसगढ़ी भक्ति गीत सुना रहे है :
दुनिया के देवता को न्योता तुम न्योता-
सबला सिखाते, हा ऐ आ हे माँ न्योता-
संत ज्ञानी करे गुहार-
हे तुमे गाढा-गाढा जोहार प्रभु तोला-
गाढा-गाढा जोहार, लारा, झारा जोहार-
दुनिया के देवता, न्योता, ठो न्योता-
सबला सिखात है, न्योता ठो न्योता-
तोला गाढा-गाढा जोहार प्रभु-
तोला गाढा-गाढा जोहार प्रभु...
Posted on: May 22, 2017. Tags: PARMESHWARLAL PURI SONG VICTIMS REGISTER
आइना कतरा रहा है कुछ तो है...गजल -
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक गजल सुना रहे हैं :
आइना कतरा रहा है कुछ तो है-
राग मीठा गा रहा है कुछ तो है-
धुप को क्यों पसीना आ रहा है-
खौफ क्यों घबरा रहा है कुछ तो है-
कूक उठती थी कोयल जो बाग़ में-
छोड़ कर अल्हड पतंगी क्यों-
बंदूके लहरा रहा है कुछ तो है-
मखमली सेजो पे जो सोया रहा-
तख़्त के आगोश में खोया रहा-
पालकीरथ में सदा था सवार-
आज पैदल जा रहा है कुछ तो है-
सरफरोशी की तमन्ना दिल में थी-
बस निगाह जीत का मंजिल में था-
पगों पे नजर टिकाये है सदा-
और सर खुजला रहा है कुछ तो है-
हमसफ़र हमनिवाला था मेरा-
संग हसने रोने वाला था मेरा-
अजनवी लगता है जाने आज क्यों-
दिल डूबा जा रहा है कुछ तो है
तुझपे हर ख़ुशी कुर्बान
तेरे जीने का सभी समा-
घर के कोने पर पड़ा बेजान सा-
खुद से बतिया रहा है कुछ तो है-

