ओ परदेशिया याद सताबये बड़ी जो...गीत
जिला-मुंगेर (बिहार) से दीपक कुमार एक गीत सुना रहे हैं:
ओ परदेशिया याद सताबये बड़ी जोर-
तरसा थे मन बड़ी जोर रे-
ओ मोर सजनी तरसा थे मन बड़ी जोर-
नीद नही अबये आधी-आधी रतिया-
पिया जल्दी लौटी अ बोले न कोयलिया-
ओ परदेशिया याद सताबये बड़ी जोर...(AR)
Posted on: Dec 13, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
जनरल नॉलेज : संगीत की सामन्य जानकारी...
जिला-मुंगेर (बिहार) से दीपक कुमार संगीत की सामान्य जानकारी दे रहे हैं, जिससे वे बच्चे जो गाँव में रहते हैं, इंटरनेट की सुवधा से दूर हैं, जिनके पास केवल एक छोटा फोन है जिससे केवल बात कर सकते हैं, दूसरे वे बच्चे जो देख नहीं सकते केवल सुन सकते हैं, इसे सुन सके और सीख सकें| एसी जानकारी रिकॉर्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर रिकॉर्ड कर सकते हैं| (AR)
Posted on: Dec 13, 2020. Tags: EDUCATION SONG VICTIMS REGISTER
कहानी : स्वाभाव और वाणी को बदलने से सम्मान मिल सकता है...
एक कौआ तेजी से उड़ते हुये जा रहा था| पेड़ पर बैठे कोयल ने पूछा| कहां जा रहे हो? कौआ बोला, जगह छोड़कर जा रहा हूँ, यहाँ मेरा सम्मान कोई नहीं करता, आवाज सुनकर भगा देते हैं| कोयल बोली स्थान बदलने से कुछ नहीं होता, स्वाभाव और वाणी को बदलने से सम्मान मिल सकता है| (AR)
Posted on: Dec 13, 2020. Tags: SONG STORY VICTIMS REGISTER
तिनका कबहुँ ना निन्दिये...दोहा-
राजनांद (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र गंधर्व कबीर दास के दोहे के माध्यम से संदेस दे रहे हैं कि हमें किसी को छोटा नहीं समझना चाहिये| छोटे से तिनके की भी कभी निंदा नहीं करनी चाहिये| जो तुम्हारे पांवों के नीचे दब जाता है। यदि वह तिनका उड़कर आँख में आ गिरे तो कितनी गहरी पीड़ा होती है|
तिनका कबहुँ ना निन्दिये, जो पाँवन तर होय-
कबहुँ उड़ी आँखिन पड़े, तो पीर घनेरी होय...(AR)
Posted on: Dec 13, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
दुर्गा मईया चलली शेर पर सबार...देवी गीत-
जिला-पुर्णियां (बिहार) से भक्त प्रहलाद एक देवी गीत सुना रहे हैं:
ओ,ओ आरे दुर्गा मईया-
चलली शेर पर सबार-
भक्त के आंसू बहन जाये-
भरे नैनन में आंसू-
सिर पे शोभे लाल चुनरी बालरूप...(AR)
