ओ परदेशिया याद सताबये बड़ी जो...गीत
जिला-मुंगेर (बिहार) से दीपक कुमार एक गीत सुना रहे हैं:
ओ परदेशिया याद सताबये बड़ी जोर-
तरसा थे मन बड़ी जोर रे-
ओ मोर सजनी तरसा थे मन बड़ी जोर-
नीद नही अबये आधी-आधी रतिया-
पिया जल्दी लौटी अ बोले न कोयलिया-
ओ परदेशिया याद सताबये बड़ी जोर...(AR)
