हम सब भारतीय हैं अपनी मंजिल एक है...देश भक्ति गीत
रामबाग चौरी, मुजफ्फरपुर (बिहार) से निधि वर्मा एक देश भक्ति गीत सुना रही हैं:
हम सब भारतीय हैं, अपनी मंजिल एक है-
ह ह एक हैं, हो हो एक हैं-
हीर की धरती रानी है सर्ताज हिमालय है-
सदियों से हमने इसको खून से पाला है-
देश रक्षा के खातिर हम सब शीश कटा लेंगे-
बिखरे बिखरे तारे हैं हम एक चुल बुल एक हैं-
मंदिर, गुरुद्वारे भी है यहां और मस्जिद भी है यहाँ-
गिरजा का है घर यार कहीं अल्ला की कहीं है अजान-
रंग बिरंग दीपक है हम लेकिन झिल मिल एक है हम...
Posted on: Feb 26, 2018. Tags: NIDHI VARMA SONG VICTIMS REGISTER
मैं 6 साल से राशन कार्ड के लिए आवेदन कर रहा हूँ लेकिन अभी तक नही बना है, कृपया मदद करें...
नागाडबरा, पंचायत-माटपुर, विकासखंड-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छतीसगढ़) से बिहारी बता रहे हैं कि मेरा राशन कार्ड नही बन पा रहा है| आवेदन करते करते 5 से 6 साल हो चुके हैं, अपना नाम अपने पिता के राशन कार्ड से अलग करा लिया है | वे जीवन यापन के लिए मजदूरी करते हैं| इस समस्या के समाधान के लिए ग्राम सुराज, सरपंच, सचिव के पास कई बार आवेदन किया| लेकिन अभी भी राशन कार्ड नही बन पाया है इसलिए वे परेशान होकर सीजीनेट सुनने वाले सभी सांथियो से अपील कर रहे हैं कि इन नंबरों पर बात कर निवेदन करें| जिससे उनका राशन कार्ड बन सके और उनका जीवन थोड़ा सरल सके | सरपंच@7898628506, सचिव@8349359323. बिहारी@7089463728.
Posted on: Feb 26, 2018. Tags: MITHLESH MANIKPURI SONG VICTIMS REGISTER
कोई लाख करे चतुराई रे करम का लेख मिटे ना रे भाई...सत्संग गीत
जिला-डिंडौरी (मध्यप्रदेश) से महेन्द्र सिंह उइके एक गीत सुना रहे हैं:
कोई लाख करे चतुराई रे करम का लेख मिटे ना रे भाई-
जरा समझो इसकी सच्चाई रे करम का लेख मिटे ना रे भाई-
इस दुनिया में भाग्य के आगे चले न किसी का उपाय-
कागज हो तो सब कोई बांचे करम ना बांचा जाय-
एक दिन किसी किस्मत के कारण बन को गइने रघुराई रे-
काहे मनवा धीरज खोता काहे तू नाहक रोय-
अपना सोचा कभी नही होता भाग्य करे सो होय-
चाहे हो राजा चाहे भिखारी, ठोकर यही सब ने खाई रे...
Posted on: Feb 26, 2018. Tags: MAHENDRA SINGH UIKEY SONG VICTIMS REGISTER
कोई रोक सके तो रोक मुझे मै आ रही सन-सन...गीत
ग्राम-राजापुर, पोस्ट-लड़वारी, जिला-टीकमगढ (मध्यप्रदेश) से मनोज कुमार कुशवाहा एक गीत सुना रहे हैं :
कोई रोक सके तो रोक मुझे, मै आ रही सन-सन-
पुरखे भागीरथ के तार चले रे-
धरती पे गंगा की धार चली रे-
इस बात को जानता भू-मण्डल-
ब्रम्हा ने सरन में उठाया कमंडल-
विष्णु के दो रहे चरण रहे...
Posted on: Feb 25, 2018. Tags: MANOJ KUMAR KUSHWAHA SONG VICTIMS REGISTER
खेला होरी रे कहाँ तो बोले लिली मिरूगा रे...होली गीत
ग्राम-धुमाडांड, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रूपलाल मरावी एक होली गीत सुना रहें है:
खेला होरी रे कहाँ तो बोले लिली मिरूगा रे-
कहाँ बोलले मजूर कहाना बोले कारी कोयली-
चलगा उड़ी जाथे दूर कोने रे महीना कर फागुन-
घरे तो बोले लिली मिरुगा ला रे बन में बोलले मंजूर-
आमा डारे बोलले कारी कोयली झिर्गा उड़ी जाथे धूर-
खेला होरी रे कहाँ तो बोले लिली मिरू गा रे...


