खेला होरी रे कहाँ तो बोले लिली मिरूगा रे...होली गीत
ग्राम-धुमाडांड, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रूपलाल मरावी एक होली गीत सुना रहें है:
खेला होरी रे कहाँ तो बोले लिली मिरूगा रे-
कहाँ बोलले मजूर कहाना बोले कारी कोयली-
चलगा उड़ी जाथे दूर कोने रे महीना कर फागुन-
घरे तो बोले लिली मिरुगा ला रे बन में बोलले मंजूर-
आमा डारे बोलले कारी कोयली झिर्गा उड़ी जाथे धूर-
खेला होरी रे कहाँ तो बोले लिली मिरू गा रे...
