मेरे परमेश्वर तू ही, कैसे जपूं नाम तेरा...भजन-
ग्राम-छुल्कारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से मंदाकनी मिश्रा एक भजन सुना रही हैं :
मेरे परमेश्वर तू ही, कैसे जपूं नाम तेरा-
काहे की धरती, काहे की अम्बर, काहेन के संसार-
दया की धरती, धरम का अम्बर, स्वार्थ का संसार-
काहे की नईया, कौन है खेवईया-
कैसे के लागब पार, कैसे जपूं नाम तेरा-
काठे की नईया प्रभु हैं खेवईया-
धरम से लगाब पार कईसे जपो नाम तेरा...
Posted on: Sep 20, 2018. Tags: ANUPPUR BHAJAN MANDAKNI MISHRA MP RELIGION SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : पशुओ में होने वाले घाव को ठीक करने का घरेलू नुस्खा-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता पशुओं में होने वाले घाव को ठीक करने का एक घरेलू नुस्खा बता रहे हैं, अपामार्ग जिसे घोडमाठ भी कहते हैं, जो वर्षा ऋतु में होती है, उसकी जड़ी, पत्ती, डाली सभी को गुन्द्ध्वा रस्सी में बांधकर रोगी पशु के गले में बाँध दें, बाँधने वाल व्यक्ति बाद में स्पर्श न करे, तीन दिन तक रहने दें इससे लाभ हो सकता है, यह पौधा गाँव में आसानी से मिल जाता है, अधिक जानकारी के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : राजेंद्र गुप्ता@9993891275.
Posted on: Sep 20, 2018. Tags: CG HEALTH RAIGARH RAJENDRA GUPTA SONG SWASTHYA SWARA VICTIMS REGISTER
सच्चाई को दीमक चाट गया, झूठा करे यहां राज...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी आज की समसामयिक परिस्थिति पर एक कविता सुना रहे हैं :
सच्चाई को दीमक चाट गया, झूठा करे यहां राज-
झूठों का पोल खुल गया, फिर भी नही आती उनको लाज-
शर्म हया को ताक में रखकर, करते है काम काज-
समाज के आँखों में धूल झोककर, नही जानता अपना समाज-
अपने ही आन बान में जो मस्त हो, उन्हें समाज से क्या लेना देना-
जो दुनिया को ठोकर मारता हो, वही तो लूट लेता है खजाना...
Posted on: Sep 20, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : लोग वन उपजों को इकठ्ठा कर समूह को बेचते हैं, सरकार उसे समूह से खरीद लेती है -
ग्राम-संगम, तहसील-पखांजूर, ब्लाक-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा के बस्तीराम नागवंशी गाँव के एक निवासी से चर्चा कर रहे हैं वे बता रहे हैं, उन्हें जंगल से कई तरह के वन उपज प्राप्त होते है, जिसमे लाख, कोसुम बीजा, महुआ बीजा, टोरा बीजा आदि शामिल है, जिसको वे इकठ्ठा कर समूह को बेचते हैं, जिसके लिए सरकार समूह को पैसा देता है, लाख कोसुम के पेड़ से प्राप्त होता है, दूसरे पेडो से भी लाख प्राप्त होता है, लेकिन कोसुम पर ज्यादा होता है, वे महुआ का रस बनाते है, महुआ को भी इकठ्ठा कर समूह को बेचते हैं, इस तरह से वन उपज गाँव में लोगो के जीवन यापन का एक साधन है | इस इलाके में कोसा अधिक नहीं होता है
Posted on: Sep 20, 2018. Tags: BASTIRAM NAGWANSI CG KANKER SONG VANANCHA SWARA VICTIMS REGISTER
ऐ मोला भले ठगे अनबोलनी, ऐ मोला भले ठगे मिठलबरी...छत्तीसगढ़ी प्रेम गीत-
ग्राम-ताराडांड, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से बाबूलाल नेटी एक गीत सुना रहे हैं :
ऐ मोला भले ठगे अनबोलनी, ऐ मोला भले ठगे मिठलबरी-
अरे मया देहों कहके मोला भले ठगे-
मर मर के जियत रईथो, बन के जिंदा लासे-
मोर सपना मा तोर सुरता हा आके बड़ा रोवथे ओ-
बईहा बरन कस लागत रहिथे, मनहा कस जाथे ओ-
आही कहिके देखत रईथो, बईठे तोर आस मा-
मोर करम मा तै नही रहे तबे तो छुट गए सांथ ओ...
