ऐ मोला भले ठगे अनबोलनी, ऐ मोला भले ठगे मिठलबरी...छत्तीसगढ़ी प्रेम गीत-
ग्राम-ताराडांड, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से बाबूलाल नेटी एक गीत सुना रहे हैं :
ऐ मोला भले ठगे अनबोलनी, ऐ मोला भले ठगे मिठलबरी-
अरे मया देहों कहके मोला भले ठगे-
मर मर के जियत रईथो, बन के जिंदा लासे-
मोर सपना मा तोर सुरता हा आके बड़ा रोवथे ओ-
बईहा बरन कस लागत रहिथे, मनहा कस जाथे ओ-
आही कहिके देखत रईथो, बईठे तोर आस मा-
मोर करम मा तै नही रहे तबे तो छुट गए सांथ ओ...
