मावा बुढाल पेन माने माई तेन...गोंडी कविता
जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से नेमालाल कुमरा एक गोंडी कविता सुना रहे है:
मावा बुढाल पेन माने माई तेन-
सत मनता हेन ताहता माने मातोंड तेन-
नाटा बाहे राउर मनता अग्गा ताना डेरा-
अणि भारी साजू सिगरा मनता मल जली न घेरा-
गुडरा पर्रो रारुर मनता आंगा मनता मडा ता-
अणि भारी नेंग नियम मनता मावा पेनकड़ा ता...
Posted on: Apr 15, 2018. Tags: NEMALAL KUMRA GONDI SONG VICTIMS REGISTER
कोयनार बगइचा में रुदबुदू के ना साग कोयनार बगइचा में....सरगुजिया गीत
ग्राम-बरदर, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से बाबूलाल राम एक सरगुजिया गीत प्रस्तुत कर रहे हैं. गीत का सन्दर्भ यह है कि एक लड़की जो शहर से गाँव आयी है और गाँव के ही एक किसान के खेत में साग तोड़ने के लिए जाती है जहाँ किसान की बेटी से उसकी बहस होती है:
कोयनार बगइचा में रुदबुदू के ना साग कोयनार बगइचा में-
रुदबुदू के ना साग प्यार से तोड़ब जुरमान लागि जातौ-
चार से तोड़बे जुर्माना लागि जातौ-
जे होतौ देखल जातौ चाहे लगे जुर्माना-
जाबौ साग तोड़े रे हम जाबौ साग तोड़े...
Posted on: Apr 15, 2018. Tags: BABULAL RAM SONG VICTIMS REGISTER
रे रे लोयो रेला रेला रे रे लोयो रेला रेला...गोंडी गीत
जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से नेमालाल कुमरा के साथ कंचन वड्डे एक गोंडी गीत सुना रही है:
रे रे लोयो रेला रेला रे रे लोयो रेला रेला-
इदे मावा नार संगी इदे मावा जगह रो-
भूम बुढ्हल मावा तादों पंडरी पगा मावा पेन-
लिंगो मातल जंगो हलड मियाड सगा-
रे रे लोयो रेला रेला रे रे लोयो रेला रेला-
Posted on: Apr 14, 2018. Tags: NEMALAL KUMRA GONDI SONG VICTIMS REGISTER
कुछ घर में बिजली नहीं है पर बिल आ रहा, और बाकी घरों में महीनों बाद बड़ा बिल आता है...
ग्राम-मडीगढ़ा, ब्लॉक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मुनियारो बाई बता रही उनके घर में बिजली कनेक्शन नहीं है लेकिन बिल आ रहे है. बाकी के घर जब बिजली लगाया गया था तब बोला गया था पैसे नहीं लगेंगे लेकिन अब बिल हजारो रूपये आते है, हम गरीब इतना बिल कैसे भरे. बिल देने वाला किसी को दे जाता है और बाद में वह साल भर छ: माह बाद देता है तो वह बहुत ज्यादा रकम हो जाती है हजारों रूपये हो जाते है अभी 12,000 रूपये का बिल आया है कहाँ से भरे? महीने के महीने क्यों नहीं देते है कृपया इन नम्बरों पर फ़ोन कर मदद करें: J.E विद्युत मंडल सूरजपुर@9617961300, सचिव@9009124934.
ग्रामीण@9826786134.
Posted on: Apr 14, 2018. Tags: BABULAL NETI SONG VICTIMS REGISTER
दाई है मन मन में हासत है, दादा हर फेटफेटी ला उतारत है...छत्तीसगढ़ी कविता
तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ीयारी एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे है:
दाई है मन मन में हासत है, दादा हर फेटफेटी ला उतारत है-
दाई ला कहत है कर झट कोन, ये देख के बैला हरजावत है-
झट कुन जाबों तो झट कुन आबों, आते घरवा ला बैला ला घलो देखबो-
लोग लईका मन नानचुन, नानचुन हवे, उमन खात है संझा के झट कुन-
दादा के गोट ला सुनके दाई ह, खड़बढ़, सड़बढ़ बेनी मा बांध जात है रबर-
फेटफेटी में बैठ के दुनो कोई कैसन जावत है, देख तो बकाइ पहुँच गयें रायगढ़ शहर...
