बचना नीचे से कोयल निकरी गोठ, कावा पाले उसके अंडे वह मस्ती में डोले...बाल कविता
ग्राम-त्रिकुंदा से मंगेश यादव एक बाल कविता सुना रहे है-
बचना नीचे से कोयल निकरी गोठ-
कावा पाले उसके अंडे वह मस्ती में डोले-
मानव राम-राम अंधे चादर-
पानी है धूनी रे माई सीष बिचारी-
मछली बगुले मोर उड़ाई-
गिर गिट रंग बदले अपना देह-
फूल के पास झट पकडे उन्हें...
Posted on: Sep 01, 2017. Tags: MANGESH YADAV SONG VICTIMS REGISTER
महुआ से बनाये स्वादिष्ट पकवान...
ग्राम-गुम्माटोला, ब्लाक-मरवाही, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से बाबूलाल नेटी के साथ में कमल सिंह धुर्वे है जो महुआ के बारे में बता रहे है कि महुआ से शराब बनाने के अलावा अच्छे-अच्छे पकवान भी बना सकते हैं आदिवासी अधिकतर इसका उपयोग बरसात के मौसम में इसको भून कर खाने में करते हैं इसके अलावा वे इसका लाटा भी बनाते हैं और इसके साथ चना, इमली आदि मिलकर वे इसे बड़े चाव से खाते हैं, इसके अलावा वे इसका फरा भी बनाते है जिस प्रकार जलेबी बनाते हैं उसी प्रकार यह बनाते हैं इसके बाद जब वर्षा ऋतु में पहली अमावस्या आती है तो पूजा में महुए का ही उपयोग होता है इसके साथ में वे नारियल और शराब का भी प्रयोग पूजा में करते हैं| बाबूलाल नेटी@479003198.
Posted on: Sep 01, 2017. Tags: BABULAL NETI SONG VICTIMS REGISTER
सास बहू की कहानी...
ग्राम-रक्षा, पोस्ट-फुनगा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से उषा सिंह उईके एक कहानी सुना रही हैं:
किसी गांव में सास और बहू रहते थे एक दिन सास ने कहा मै तीर्थ जा रही हूँ, जो दूध दही होता है उसे बेच कर पैसा एकत्र कर लेना इसके बाद वो चली गई, चैत्र वैशाख का महीना था उनकी बहू सारा दूध दही पीपल, तुलसी के पेढ पर डाल देती और खाली बर्तन ला कर रख देती, तीर्थ करने के बाद जब सास वापस आई तो पैसे मांगी तो बहू ने सारा दूध पीपल पर डालने की बात बता दी इस पर सास ने कहा जैसा भी हो मुझे पैसे चाहिए, तब बहू पीपल और तुलसी के पास जाकर बैठ गई कहा कि मेरी सास मुझे दूध दही के पैसे मांग रही है मुझे पैसे दो तब पीपल कहता है बेटी हमारे पास पैसे नही है, कंकड़ पत्थर है इन्हें ले जा वह उठा कर अपने घर ले आई जब सुबह सास ने पूछा पैसे दो तो बहू ने अपना कमरा खोला तो देखा कि हीरे मोतीयों से पूरा कमरा जगमगा उठा बहू ने कहा ले लो अपने पैसे, यह देखकर सास के मन में भी लालच आया और वह भी बहू के जैसे ही रोज़ दूध दही पीपल और तुलसी में डालने लगी और बदले में एक दिन बहू जैसे पैसे मांगने लगी पर उसे कुछ नहीं मिला इस कहानी से यह संदेश जाता है कि लालच नही करना चाहिए-
Posted on: Sep 01, 2017. Tags: SONG USHA SINGH UIKE VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : स्वच्छता से बीमारी का हो सकता है बचाव...
भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से गौरी रजक अपने वातावरण को स्वच्छ रखने के बारे में बता रही हैं वे कह रही हैं कि यदि हमारे देश भारत में गलियां, खेल के मैदान, पार्क, सड़को को साफ करने सांथ ही गांव और शहरो में साफ जल उपलब्ध करा दिये जाने से बीमारियों पर नियंत्रण लगाया जा सकता है, वे कह रही हैं कि साफ़ सफाई रखने से और साफ़ पानी पीने से हमारी अनेक बीमारियां अपने आप दूर हो जाएँगी। वे एक नारे के साथ सभी भारतवासी को इस दिशा में विशेष ध्यान देने का आग्रह कर रही हैं कि स्वच्छता की होड़ है अब हममे यह जोर है इस पंक्ति के माध्यम से हमें स्वच्छता पर ध्यान देने के लिए कह रही हैं...गौरी रजक@9407922018.
Posted on: Sep 01, 2017. Tags: GOURI RAJAK SONG VICTIMS REGISTER
बांसुरी की धुन...
सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा आज ग्राम-रक्सा, पोस्ट-फुनगी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) में पहुँची हैं जहां यात्रा के साथी सुखसागर सिंह पावले, धनसाय मरकाम और गीता टेकाम का परिचय गाँव के साथी रामनाथ सिंह मरावी से हुई है जो उनको बांसुरी की एक धुन सुना रहे है जो वे हम सभी के साथ यहां साझा कर रहे हैं :
