वो बेदर्दी छोड़ गई खा साथ निभाने की कसम...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
वो बेदर्दी छोड़ गई खा साथ निभाने की कसम-
एक पल भी साथ निभा न सकी, तोड़ गई अपना कसम-
नाव मेरा डुबोने को, छोड़ गई मजधार-
भूल गई वो प्यार मेरा जो मैंने किया लाड दुलार-
कभी इठलाती कभी मचलती, पाकर मेरा बाहों का हार-
मेरा दिल तोड़ गई, मुझे गई दूर धुतकार...
Posted on: May 05, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
बेदरदी पिया छोड़ गया, कर मीठी-मीठी बात...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
बेदरदी पिया छोड़ गया, कर मीठी-मीठी बात-
यह भी नहीं कह कर गया, फिर कब होगी मुलाकात-
याद में उनकी रोती रही, आँखों से होता रहा बरसात-
दिल घायल होती रही, कटती नहीं काटे रात-
सूनी-सूनी घर आंगन कोना, मन में लगी ज्वाला की आग...
Posted on: May 05, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
माँ भारती की आरती से नहीं बड़ा कोई आरती...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
माँ भारती की आरती से नहीं बड़ा कोई आरती-
जो पूजे जो उतारे है वही है वही है भारती-
आओ सब मिल जुलकर उतारें माँ की आरती-
माँ की सम्मान जैसा और नहीं कोई सम्मान-
माँ की जो करता अपमान-
उससे बड़ा कोई नहीं सैतान...
Posted on: May 04, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
अंगार बनी मांग का सिंदूर, उतर गई सभी सिंगार...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
अंगार बनी मांग का सिंदूर-
उतर गई सभी सिंगार-
दिल घायल कर छोड़ गया-
सब कुछ फीका-फीका हुआ-
जीना जग में दुसवार-
खंजरो के बीच पड़ी, आँ पड़ी तामस का पहाड़...
Posted on: May 04, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
आया ऋतुराज बसंत, नौ पल्लित हो उठा...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
आया ऋतुराज बसंत, नौ पल्लित हो उठा-
डाल-डाल पात-पात, निर्मल हुआ असमा-
सुरभी पवन मंद-मंद, मन को छू गया हिरन-
भौरा गुन-गुन कर ले रहा, उस पल का आनंद-
विश्वास उनको हो चला, अब आयेगी कली-
उमंगो से भाव विभोर हो...
