वो बेदर्दी छोड़ गई खा साथ निभाने की कसम...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
वो बेदर्दी छोड़ गई खा साथ निभाने की कसम-
एक पल भी साथ निभा न सकी, तोड़ गई अपना कसम-
नाव मेरा डुबोने को, छोड़ गई मजधार-
भूल गई वो प्यार मेरा जो मैंने किया लाड दुलार-
कभी इठलाती कभी मचलती, पाकर मेरा बाहों का हार-
मेरा दिल तोड़ गई, मुझे गई दूर धुतकार...
