बड़ा दुःख पाए होवे राम तय बताये नहीं... भक्ति गीत
ग्राम पंचायत-उमरखोही, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से इश्वरी मरावी एक भक्ति गीत सुना रही हैं :
कौशिल्या कौशिल्या ह रे चौदह वर्ष बेटा वन म रहे-
बड़ा दुःख पाए होवे राम तय बताये नहीं-
कांदा ए कूसा कहाँ पाए होबे-
डबरा मा सोके बिताये होबे-
बड़ा दुःख पाए होवे राम तय बताये नहीं...
Posted on: Sep 28, 2017. Tags: ISHWARI MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
वंदन है वीणावादिनी तू जग की सितारा...देवी गीत
ग्राम-सरई, जिला-डिंडौरी (मध्यप्रदेश) से संतोष कुमार अहिरवार नवरात्रि पर्व पर एक देवी गीत सुना रहे हैं :
जय हो माता अम्बे तू देना सहारा-
वंदन है वीडा वाधनी तू जग की सितारा-
रूप है अनेक तू तो एक महामाया-
सागर तू है सरगम तू है तू ही है किनारा-
अज्ञान हम हैं मैया अद्भुत तेरी भक्ति-
दे दे ज्ञान स्वर में मैया सदा वास तुम्हारा-
वंदन है वीडा वाधनी तू जग की सितारा...
Posted on: Sep 28, 2017. Tags: SANTOSH AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
पड़े के बाद जोड़ीदार, बड़ा मजा आए...पहाड़ी कोरबा गीत-
ग्राम-गणेशपुर, जिला-रायगढ, (छत्तीसगढ़) से भान साहू के साथ में है पहाड़ी कोरबा आदिवासी समुदाय के साथी जीतनराम जो दोनों आँखों से देख नहीं पाते है बचपन से ही उनकी आँखों की रोंशनी नही है लेकिन जीतनराम संगीत की कला से लोगो का मन जीत लेते है ऐसे ही एक गीत प्रस्तुत कर रहे है:
पड़े के बाद जोड़ीदार, बड़ा मजा आए...
Posted on: Sep 28, 2017. Tags: BHAN SAHU SONG VICTIMS REGISTER
सेवा-सेवा जोहारव रे, सेवा-सेवा जोहारव रे...गोंडवाना गीत
ग्राम-लोहांगी, तहसील-मोहखेड़, जिला-छिन्दवाड़ा (मध्यप्रदेश) से सीमा सरयाम एक गोंडवाना गीत सुना रही है:
सेवा-सेवा जोहारव रे, सेवा-सेवा जोहारव रे-
गोंडवाना के देवी देवता सेवा-सेवा जोहारव रे-
माता पिता को पहले सुमरो जन्म देवन हार-
बावनगढ़ के देवी देवता कर देना उपकार-
सेवा-सेवा जोहारव रे, सेवा-सेवा जोहारव रे...
Posted on: Sep 28, 2017. Tags: SEEMA SARYAM SONG VICTIMS REGISTER
मोर हीरा भुइयां, मोर सोना भुइयां, मोर उपजाऊ भुइयां...किसान गीत
ग्राम-तमनार, जिला-रायगड़ (छत्तीसगढ) से कन्हैयालाल पडियारी धरती माता पर एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
मोर हीरा भुइयां, मोर सोना भुइयां, मोर उपजाऊ भुइयां – तै कहां पर आ गे – कागद के नोट खातिर, दलाल मन के चोट खातिर-
तै बेचा गे – तै मोला छोड़ कहा पर आ गे, तै हर छोटे कागद के नोट छोडी-
कवडी-कवडी खातिर मै लला गे – मोर उपजाऊ भुइयां छोड़ कहा पर आ गे –
तोर छाती मा चिमनी गाड़े, वहा ले करिया कुहिरा निकाले-
मोर छाती मा आरी चल गे – बिर्ला शासन प्रशासन के आखी मा खटके, मोर चोला ले तै लुटा गये-
मोर करेजा मा खंजर गडगे – मन-मन मा खोजत रह गये, तोला गुन -गुन रोवत रह गे – तोर छोड़े मा बैठ गये आंगर- जांगर-
मोर उपजाऊ भुईया छोड़ कहा पर आ गे...
