मोर हीरा भुइयां, मोर सोना भुइयां, मोर उपजाऊ भुइयां...किसान गीत

ग्राम-तमनार, जिला-रायगड़ (छत्तीसगढ) से कन्हैयालाल पडियारी धरती माता पर एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
मोर हीरा भुइयां, मोर सोना भुइयां, मोर उपजाऊ भुइयां – तै कहां पर आ गे – कागद के नोट खातिर, दलाल मन के चोट खातिर-
तै बेचा गे – तै मोला छोड़ कहा पर आ गे, तै हर छोटे कागद के नोट छोडी-
कवडी-कवडी खातिर मै लला गे – मोर उपजाऊ भुइयां छोड़ कहा पर आ गे –
तोर छाती मा चिमनी गाड़े, वहा ले करिया कुहिरा निकाले-
मोर छाती मा आरी चल गे – बिर्ला शासन प्रशासन के आखी मा खटके, मोर चोला ले तै लुटा गये-
मोर करेजा मा खंजर गडगे – मन-मन मा खोजत रह गये, तोला गुन -गुन रोवत रह गे – तोर छोड़े मा बैठ गये आंगर- जांगर-
मोर उपजाऊ भुईया छोड़ कहा पर आ गे...

Posted on: Sep 28, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADHIYARI SONG VICTIMS REGISTER