ये तो सच है कि भगवान है, है मगर फिर भी अंजान है...गीत

ग्राम-कुप्पा, ब्लाक-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कस्तूरी और आरती एक गीत सुना रहे हैं :
ये तो सच है कि भगवान है, है मगर फिर भी अंजान है-
धरती पे रूप माँ-बाप का, उस विधाता की पहचान है-
जन्म देती है जो, माँ जिसे हम कहे-
लोरियां वो हमें सुनाती रहे-
ये तो सच है कि भगवान है, है मगर फिर भी अंजान है-
धरती पे रूप माँ-बाप का, उस विधाता की पहचान है...

Posted on: May 03, 2018. Tags: ROOPLAL MARAVI SONG VICTIMS REGISTER

झाड़ जंगल ह गाँव शहर मा, बदल जाही का जोड़ी...छत्तीसगढ़ी कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ीयारी एक कविता सुना रहे है:
झाड़ जंगल ह गाँव शहर मा, बदल जाही कावो जोड़ी-
उर्रा धुर्रा मा रुक राही, के होअत है कटाई-
मनखे मनखे कन्हो, कथो नही है समाई-
झाड़ जंगल ह, धीरे धीरे होअत है, चाप्टर-
बाघ, भालू जनावर के नही है, कोई पावर-
झाड़ जंगल ह गाँव शहर मा, बदल जाही कावो जोड़ी...

Posted on: May 03, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADHIYARI SONG VICTIMS REGISTER

हमारे गाँव से 5 किलोमीटर तक कोई सड़क नहीं, जंगल, पहाड़ है, बहुत दिक्कत होती है...

ग्राम-पुतकी, पंचायत-मयूर्धकी, तहसील-ओड़गी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से गाँव की ग्रामीण महिलाये बता रही है, गाँव में सड़क नही है. पहाड़ी और जंगल क्षेत्र होने के कारण आने जाने में बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ता है, इस समस्या के समाधान के लिए कई बार ग्राम पंचायत में आवेदन दिया है, परन्तु कोई सुनवाई नही हो रही है| इसीलिए सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे है, कृपया पुतकी से लांनजीत तक 5 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य कराने में मदद करे. : कलेक्टर@9826443377, CEO@9926192534, सरपंच@7089897004, सचिव@9669104868. संपर्क सीमा@7771019881.

Posted on: May 03, 2018. Tags: BABULAL NETI SONG VICTIMS REGISTER

किसान स्वर: पहले हमारे यहाँ कोदो, मेढ़ो, सांवा की खेती होती थी, लेकिन अब सिर्फ धान...

ग्राम-कुप्पा, तहसील-ओड़गी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से देव प्रसाद खेती के बारे में बता रहे है, पहले मेझरी, सांवा, कोदो, कुटकी, मेढ़ो आदि की खेती ख़ूब हुआ करती थी, लेकिन धीरे-धीरे धान चावल की खेती सब करने लगे है, पहले के धान बीज को भी अब भूलने लगे है. पौष्टिक वाला अन्न अब कम होता जा रहा, क्योंकि अब देशी बीज और खाद भी पहले जैसे नहीं रहे, फिर भी अन्य जगह के मुकाबले हमारे यहाँ पर अब भी गोबर खाद का ही उपयोग किया जाता है|जिससे उगने वाला अन्न धान दाल दलहन पौष्टिक व स्वादिष्ट रहता है| कोदो कुटकी, मेझरी, सांवा, मेढ़ो लगाने के इच्छुक किसान मित्रो के लिए बीज उपलब्ध है. देव प्रसाद@7697080920

Posted on: May 02, 2018. Tags: RUPLAL MARAVI SONG VICTIMS REGISTER

डोकरी दाई हर गोबर बिन हान के, छेना ला थोपत है...छत्तीसगढ़ी कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ीयार एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे है:
डोकरी दाई हर गोबर बिन हान के, छेना ला थोपत है-
छेना ला थोपत-थोपत, मन में मन मा गुणत है-
मैं घलो पढ़े रहते तो कोनो ऑफिस मा, बड़े अफसर डॉक्टर बने रहते-
उंच कुर्सी में बैठ के, हुकुम ला मै घलो बजात है-
मोर हवे फूटा करम, ओखर खातिर गोबर मा मै सनाय हूँ-
आगू पिछु जम्मो ला सोच के, अपन चोला ला धधाय़ हूँ...

Posted on: May 02, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADHIYARI SONG VICTIMS REGISTER

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