छत्तीसगढ़: असंगठित मजदूरों को 150 किलोमीटर तक काम करने जाने के लिए नि: शुल्क टिकट...
छत्तीसगढ़ सरकार असंगठित मजदूरों अर्थात वे मजदूर जो किसी दुकान, खेत, कार्यालय, ठेका पे काम करते है, अस्थाई हैं उनके लिए मुख्यमंत्री असंगठित कर्मकार इज्जत मंथली सीजन टिकट कार्ड योजना’ शुरुआत कर रही है, योजना का लाभ लेने के लिए श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा मंडल में पंजीयन कराना जरूरी है योजना के तहत ट्रेन में सफर करने वाले असंगठित श्रमिक को राज्य में 150 किलोमीटर दूरी तक काम करने जाने के लिए निःशुल्क मंथली सीजन टिकट दी जाएगी। पंजीयन किसी भी कम्प्यूटर सेंटर अथवा संबंधित क्षेत्र के सहायक श्रमायुक्त, श्रम पदाधिकारी के कार्यालय में श्रम विभाग के वेबसाईट www.cglabour.nic.in में ऑनलाईन आवेदन कर अपना पंजीयन करा सकते हैं। आवेदक की आयु 14 से 60 वर्ष के बीच हो...
Posted on: Apr 06, 2018. Tags: RAKESH KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
कांशी में जाउंगी गंगा नहाउंगी, भोले के चरणों में शीश झुकाऊंगी...भक्ति गीत
ग्राम पंचायत-धुमाडांड, पोस्ट-गोविंदपुर, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से अस्मिता महोविया और अनीता मरावी एक भक्ति गीत सुना रहे हैं :
कांशी में जाउंगी, गंगा नहाउंगी, भोले के चरणों में शीश झुकाऊंगी – शिवा से हो गया प्यार भवानी चली गंगा नहाने-
दया दे देते हैं दया बर्शाते हैं, फूलो के चरणों में फिर सर झुकाते हैं-
भोले से हो गया प्यार, भवानी चली गंगा नहाने...
Posted on: Apr 06, 2018. Tags: PUSHPA AYAM SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर: सूखी खांसी की घरेलू उपचार विधियां...
ग्राम-भोरमदेव, वनांचल, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से अमित साहू सूखी खांसी के घरेलू उपचार के नुस्ख़े बता रहे है: मुलेठी का चूर्ण एक चम्मच, मिश्री आधा चम्मच, काली मिर्च 5 दाने, सबको बारीक़ पीस लेवे, अब एक चम्मच फ़क्की मारकर सेवन करे, इसके बाद आधा कप पानी पी लेंवे, लगातार सेवन करने से चार पांच दिनों में राहत मिलता है. दूसरा नुस्खा : हर्रा फल (हरड़) को हल्का सा आग में भून लेवे, उसका छोटा टुकड़ा चूसने से खांसी से राहत मिलती है. तीसरा नुस्खा: अमरुद (बिही) कच्चा अमरुद को हल्का सा आग में भून लेंवे भूनने के बाद उसके बीजों को निकालकर अमरुद को खावें, इससे भी खांसी में लाभ मिलेगा. अधिक जानकारी के लिए: अमित साहू@8964931287.
Posted on: Apr 06, 2018. Tags: AMIT SAHU SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : महुए को हम आदिवासी कोदो कुटकी के साथ पीसकर दलिया बनाकर भी पीते है...
ग्राम-भुरियालदंड, तालुका-कोरची, जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से दशरू कुमरे महुए का उपयोग किस-किस काम के लिए किया जाता है, उसके बारे में जानकारी दे रहे है वे बता रहे हैं कि मध्य भारत के आदिवासी इलाकों में महुआ का उपयोग खाने के साथ में भी किया जाता है और इसे कोदो कुटकी के साथ पीसकर दलिया बनाकर भी पीते है| इसको कंडे के साथ भुन्जकर भी खाया जाता है| महुआ का दारू भी बनाया जाता है इससे हमारा रोजगार भी चलता है| महुआ को गाय बैलो को भी खिलाते है उससे उनका शरीर तंदुरुस्त रहता है| इस तरह हमारे लिए और हमारे पशुओं के लिए बहुत उपयोगी है, यह हमारे संस्कृति का भी हिस्सा है | रानेश कोर्चा@8459328717.
Posted on: Apr 05, 2018. Tags: DASHRU KUMRE GONDI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
मन में है विश्वास, हम होंगे क़ामयाब एक दिन...गीत
उटनूर, जिला-आदिलाबद (तेलंगाना) से भीमराव हम होंगे कामयाब गीत व्यंकटेश से सुन रहे है:
हम होंगे क़ामयाब, हम होंगे क़ामयाब एक दिन-
मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास, हम होंगे क़ामयाब एक दिन-
होगी शांति चारों और, एक दिन हो हो, मन में है विश्वास-
हम होंगे क़ामयाब, एक दिन-
हम चलेंगे साथ साथ, डाल हाथों में हाथ, एक दिन हो हो-
हम होंगे क़ामयाब, एक दिन-
नहीं डर किसी का आज, एक दिन हो हो, मन है विश्वास-
पुरा है विश्वास, हम होंगे क़ामयाब, एक दिन...
