कम लिटिल चिल्ड्रेन कम टू मी, आई विल टीच यू ऐ बी सी...अंग्रेज़ी बाल कविता -

मसगा, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) सुरेन्द्र कुमार यादव एक अंग्रेज़ी बाल कविता सुना रहे हैं :
कम लिटिल चिल्ड्रेन कम टू मी,
आई विल टीच यू ऐ बी सी – A B C D E F G H I J K L M N O P-
Q R S T U V W X Y Z –
इन दा मॉर्निंग कम टू मी –
आई विल सी यू कम टू मी...

Posted on: Mar 22, 2018. Tags: SONG SURENDRA KUMAR VICTIMS REGISTER

हमारे गाँव में आंगनवाड़ी भवन 5 साल पहले बनाना शुरू हुआ, अब तक नहीं बना, कृपया मदद करें...

बंजरटोला ग्राम पंचायत-अन्डियामाल, थाना-मोहगाँव, तहसील-घुगरी, जिला-मंडला (मध्यप्रदेश) से विजय कुमार मरकाम बता रहे है कि गाँव में आगनवाड़ी भवन का निर्माण पांच वर्षो से अधूरा पड़ा है, इसको लेकर जनपद कई बार आवेदन दिए, विधायक एवं सांसद को भी आवेदन दिया, इसके बावजूद स्थति में कोई बदलाव नही आया| इसलिए सीजीनेट सुनने वाले साथियों से आग्रह है इस समस्या के समाधान के लिए जिम्मेदार लोगो को फ़ोन कर दबाव बनावे ताकि अधूरा आँगनवाड़ी भवन बन सके- कलेक्टर@07642250600, ठेकेदार@9407866522, जनपद उपाध्यक्ष @9424359239, पंचायत सचिव@94244730875, संपर्क हेमसिंह धुर्वे@9407075943, सरपंच@9407388425, विजय मरकाम @9765215811 .

Posted on: Mar 20, 2018. Tags: SONG VICTIMS REGISTER VIJAY KUMAR MARKAM

बांसुरी में बीन की धुन...

मुड़गीचक, ग्राम-सुमेरा, मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार अपने मित्र मो. मुर्तुजा के सांथ हैं वे बांसुरी बनाते है इतना ही नहीं बांसुरी बजाने की भी कला रखते और आज वे सीजीनेट के सभी सुनने वाले संथियों को बांसुरी से बीन की मधुर ध्वनि सुना रहे हैं...

Posted on: Mar 20, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

लोकगीत का अपना शास्त्र रहा है, लोकसंगीत में अनगढ़ता और खुरदुरापन ही उसका सौंदर्य होता है...

होली को चैती की तरह नहीं गाते, चैती को सोहर की तरह नहीं गाते, सोहर निर्गुण की तरह नहीं गाया जाता, गोड़उ का राग अलग होता है, धोबिया गीत अलग, खिलौना अलग होता है| जोग सहाना का राग अलग, विवाह के गीत में हर विध में धुन-राग बदल जाती है गांव की गीतहारीन महिलाएं का छठ का गीत बिल्कुल अलग राग-धुन रखता है, पराती और पचरा का राग बदल जाता है, सदियों और पीढ़ियों से लोक का अपना शास्त्र रहा है, अलिखित होने के बावजूद यह तेजी से बड़े दायरे में फैलता रहा है और एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी के मानस में रचता-बसता भी रहा है, यह अनगढ़ रहा है इसलिए लोकसंगीत में ​अनगढ़ता हो, खुरदुरापन हो तो उसे बहुत परफेक्ट करने की जरूरत नहीं, लोकसंगीत में अनगढ़ता और खुरदुरापन उसका सौंदर्य होता है|

Posted on: Mar 17, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

चुवत अन्हरवे अँजोर हो रामा चइत महिनवा...चइता गीत

मालीघाट मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक चइता गीत सुना रहे हैं :
चुवत अन्हरवे अँजोर हो रामा चइत महिनवा-
अमवा मउरि गइलें नेहिया बउरि गइलें-
देहियाँ टूटेला पोरे पोर हो रामा चइत महिनवा-
उड़ि उड़ि मनवा छुवेला आसमनवा
बन्हल पिरितिया के डोर हो रामा चइत महिनवा-
अँखिया न खर खाले निंदिया उचटि जाले
बगिया भइल लरकोर हो रामा चइत महिनवा...

Posted on: Mar 16, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

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