संगीत के मैं भैया हा हो छुल्कारी मोरे गाँव...छत्तीसगढ़ी भजन गीत
ग्राम-छुल्कारी, पोस्ट-फुन्गा, जिला-अनुपपुर (म.प्र.) से रेवालाल केवट, मनभवर केवट एक छत्तीसगढ़ी भजन गीत सुना रहे है:
हरी भजन के गवया हाँ हो-
संगीत के मैं भैया हा हो छुल्कारी मोरे गाँव-
गाँव बसी में रहता भैया जे जे गातन सीता राम-
ग्राम पंचायत पोलनी छुल्कारी पोस्ट हमर हवय पसला-
तहसील जिला थाना अनुपपुर लागेये आना जाना-
संभाग शहडोल भोपाल राजधानी एम् पी के भैया हाँ हाँ-
गाँव बसी में रहता भैया जे जे गातन सीता राम...
Posted on: Nov 07, 2017. Tags: SONG SONU KEWAT REWALAL KEWAT VICTIMS REGISTER
सेवा जोहार भूल गए आदिवासी रे रीति रिवाज...आदिवासी गीत -
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे है:
सेवा जोहार भूल गए आदिवासी रे रीति रिवाज-
माता पिता के जोहार छोड़े रीति रिवाज-
दूसरे के रीति अपनाए आदिवासी रे-
भूल गए रीति के रिवाज-
सेवा जोहार भूल गए आदिवासी रे रीति रिवाज...
Posted on: Nov 07, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
हमारा गाँव जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर है पर हमारा जीवन अधिकतर जंगल पर ही निर्भर है...
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज ग्राम-बड़े कमेली, जिला-दन्तेवाड़ा (छत्तीसगढ़) पहुँची है वहां से यात्रा के ढोलक वादक साथी गणेश सिंह आयाम गाँव के आदिवासी निवासी विजय कुमार तामो के सांथ बात कर रहे हैं जो बता रहे हैं कि उनका गांव जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर की ही दूरी पर है और ये गांव जंगल के बीच बसा है गांव जंगल में रहने से इन्हें वन वनस्पतियों का लाभ प्राप्त होता है जंगल से जो फूल, पत्तियां, फल मिलती है वे बता रहे हैं कि इसी से गांव के अधिकतर लोग अपना जीवन यापन करते हैं गांव के लोग वनस्पतियों की जानकारी भी रखते हैं और उनका औषधीय उपयोग भी कर एक शांतिपूर्ण जीवन जीने का प्रयास करते हैं...गणेश सिंह आयाम@8602008444
Posted on: Nov 07, 2017. Tags: GANESH SINGH AAYAM DANTEWADA SONG VICTIMS REGISTER
अगहन महीने के गुरुवार के दिन होता है अगहन पूजा...उड़ीसा का पारंपरिक त्यौहार छत्तीसगढ़ में भी-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता आज अपने सांथी शुभद्रा के सांथ आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 4 घोडीदीपा में हैं और अगहन गुरुवार पूजा के विषय में चर्चा कर रहे हैं ये बता रहे हैं कि अगहन पूजा उड़ीसा से प्रारंभ हुआ था ये पूजा अगहन के महीने में गुरुवार के दिन मनाया जाता है इसकी तैयारी एक दिन पहले से शुरू हो जाती हैं घर की सफाई करते है गोबर से लिपाई की जाती है चावल को पीसक्रर इसकी झूंटी बनाते हैं रंगोली बनाई जाती है सुबह चार बजे भोर में लक्ष्मी जी स्थापना की जाती है चावल का मांद बनाकर कलश रखते है चावल के आटे का मडा और खीर बनाते हैं दिन में तीन बार भोग लगता है कथा सुनने का कार्यक्रम भी होता है | राजेंद्र गुप्ता@9993891275
Posted on: Nov 07, 2017. Tags: RAJENDRA GUPATA SONG VICTIMS REGISTER
सभी ग्रामीण श्रमिक भाई बहनों को श्रम मित्र की मदद से श्रमिक पंजीयन कार्ड बनवा लेना चाहिए...
ग्राम-भोगाम, नयापारा जिला-दन्तेवाड़ा (छत्तीसगढ़) से उर्मिला नाग बता रही हैं वे एक श्रममित्र हैं अपने काम के लिए ये गाँव में महिलाओं को बैठक में बुलाती हैं और उन्हें अनिवार्य रूप से श्रमिक पंजीयन कार्ड बनाने की सलाह देती है जिससे लोग इनके पास पंजीयन कराने के लिए आते हैं पंजीयन करने के लिए राशन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की फोटोकापी और ओरिजनल दोनों पत्र के सांथ 3 फोटो लाने को कहती हैं इन सभी पेपर को ये श्रमिक कार्यालय में जमा करती हैं इसके 3 महीने बाद इन्हें श्रमिक पंजीयन कार्ड प्राप्त हो जाता है इस तरह से ये लोगो को जागरूक कर उनकी मदद करती हैं | सभी अगर श्रमिक पंजीयन कार्ड बना लें तो उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकता है | उर्मिला नाग@9424157830
